
नर्मदापुरम, 28 अगस्त (Udaipur Kiran) । मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में स्थित लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) कार्यालय में गुरुवार काे लोकायुक्त टीम ने सीनियर क्लर्क को सात हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आराेपित क्लर्क ने एक ठेकेदार से बिल पास कराने के एवज में 12 हजार की रिश्वत मांगी थी। फिलहाल लोकायुक्त की टीम आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
जानकारी के अनुसार, ठेकेदार अवधेश कुमार पटेल ने लोकायुक्त एसपी दुर्गेश राठौर से शिकायत की थी। जिसमें उसने बताया था कि नर्मदापुरम लोक निर्माण विभाग में पदस्थ क्लर्क पवन सक्सेना उनसे सड़क निर्माण के दौरान विभाग में जमा एफडी और राशि के रिफंड वापस करने के एवज में 12 हजार रुपये रिश्वत मांग रहे है। फरियादी ठेकेदार पवन सक्सेना रिश्वत की पहली किस्त 5 हजार रुपये पहले ही दे चुके थे। शिकायत का सत्यापन करने के बाद लाेकायुक्त ने आराेपित क्लर्क काे रंगे हाथाें पकड़ने की याेजना बनाई। फरियादी ठेकेदार गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे दूसरी किस्त के 7 हजार रुपये लेकर आराेपित क्लर्क काे देने पहुंचा। इस दाैरान लोकायुक्त की टीम ने पीडब्ल्यूडी कार्यालय स्थित संभागीय लेखा कक्ष में दबिश दी। जैसे ही क्लर्क ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने उसे पकड़ लिया। कार्रवाई होते ही दफ्तर में हड़कंप मच गया। लोकायुक्त डीएसपी आरके सिंह के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान ऑफिस में अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। टीम अब क्लर्क के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई करेगी। इस कार्रवाई का नेतृत्व डीएसपी डॉ. आर.के. सिंह ने किया। उनके साथ निरीक्षक घनश्याम मर्सकोले, प्रधान आरक्षक यशवंत सिंह ठाकुर, आरक्षक मनमोहन साहू, गौरव साहू, यशवंत पटेल और चालक अमित विश्वकर्मा शामिल रहे।
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(Udaipur Kiran) / नेहा पांडे
