Chhattisgarh

पोला:बच्चे दौड़ाएंगे नांदिया बैल, 27 को होगी गणेश स्थापना

मकई चौक के पास नांदिया बैल खरीदते हुए लोग।

धमतरी, 22 अगस्त (Udaipur Kiran) । कृषि व मवेशियों के प्रति आदर का भाव व्यक्त करने के लिए छग में पाेला का पर्व मनाया जाता है। 23 अगस्त को यह पर्व पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा। पर्व के एक दिन बाजार में (नांदिया बैल ), मिट्टी से बने बैल के खिलौने की जमकर बिक्री हुई। शुभ मुहूर्त में नांदिया बैल की पूजा की जाएगी।

देवपंचाग के अनुसार 25 अगस्त सोमवार को कडुभात, 26 अगस्त मंगलवार को हरितालिका तीजव्रत तथा 27 अगस्त बुधवार को श्री गणेश स्थापना होगी। विप्र विद्वत परिषद धमतरी ने बताया कि इस वर्ष भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि 23 अगस्त शनिवार को पोला का त्योहार मनाया जाएगा। विप्र परिषद के अध्यक्ष पंडित अशोक कुमार शास्त्री ने बताया कि भारत देश कृर्षि प्रधान देश है। यहां कृषि कार्य को अच्छे बनाने के लिए मवेशियों का भी विशेष योगदान है भारत एक ऐसा देश है जहां मिट्टी को भगवान का स्वरूप बनाकर मिट्टी का पूजन करते हैं। विदित हो कि पोला का त्योहार उन्हीं में से एक है, इस दिन बैल की पूजा की जाती है। पोला के त्योहार को विशेष रूप से छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश महाराष्ट्र में मनाया जाता है। पोला त्योहार में मिट्टी के बैल एवं मिट्टी के खिलावने की भी विशेष पूजा की जाती है। परिषद के मीडिया प्रभारी पंडित राजकुमार तिवारी ने बताया कि इस अमावस्या को पोला है। अमावस्या एवं पिठोरी अमावस्या भी कहते हैं। पोला त्योहार में किसान भाई एवं अन्य लोग विशेष रूप से बैल की पूजा करते हैं। मिट्टी से बने बैल एंव पोरा जाता सहित मिट्टी के खिलौने की पूजा अर्चना की जाती है।

50 रुपये से 180 रुपये तक बिक रहा बैल:

पोला त्योहार के लिए कुम्हारों द्वारा बनाए गए नादिया बैल एवं अन्य खिलौनों की जमकर बिक्री हुई। मकई चौक में कुम्हार दिन भर बैठकर इसकी बिक्री करते रहे। नादिया बैल की कीमत 50 रुपये से लेकर 180 रुपये जोड़ी तक है। इसके अलावा खिलौने जांता, पोरा भी बिके।

(Udaipur Kiran) / रोशन सिन्हा

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