
इंदौर, 30 नवंबर (Udaipur Kiran) । मध्य प्रदेश में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता बढ़ाने और ट्रांसमिशन नेटवर्क को अधिक विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) द्वारा रिले टेस्टिंग सिम्युलेटर पैनल आधारित दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला रविवार को संपन्न हुई। इस कार्यशाला में प्रदेशभर के एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशनों से आए टेस्टिंग इंजीनियरों ने भाग लिया।
मुख्य अभियंता अमर कीर्ति सक्सेना ने बताया कि टीकमगढ़ स्थित परीक्षण संभाग में विकसित अत्याधुनिक इन-हाउस ट्रेनिंग सेंटर में इंजीनियरों को आधुनिक प्रोटेक्शन सिस्टम का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि यह पहल जहां इंजीनियरों की तकनीकी दक्षता बढ़ाएगी, वहीं उपभोक्ताओं को अधिक सुरक्षित, स्थिर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अब तक इस केंद्र में तीन बैचों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया जा चुका है।
राज्य स्तरीय कार्यशाला का संचालन कार्यपालन अभियंता आर.पी. कान्यकुब्ज के निर्देशन में सहायक यंत्री जी.पी. राय द्वारा किया गया। प्रशिक्षण के दौरान ट्रांसफॉर्मर डिफरेंशियल प्रोटेक्शन रिले और लाइन डिस्टेंस प्रोटेक्शन रिले की वायरिंग, कॉन्फ़िगरेशन, सेटिंग और टेस्टिंग के जटिल पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई।
उन्नत प्रशिक्षण से उपभोक्ताओं को होगा लाभबताया गया कि इंजीनियरों की तकनीकी क्षमता में सुधार से ट्रांसमिशन नेटवर्क किसी बड़ी गड़बड़ी की स्थिति में अधिक सुरक्षित और स्थिर रह सकेगा। आधुनिक प्रोटेक्शन रिले की सटीक सेटिंग से ओवरलोडिंग, उपकरणों की खराबी और संभावित ग्रिड फेल्योर जैसी स्थितियों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा।
ट्रांसमिशन नेटवर्क होगा और अधिक मजबूतउन्नत टेस्टिंग तकनीक के उपयोग से ट्रांसमिशन उपकरणों की आयु बढ़ेगी, रखरखाव लागत कम होगी और संपूर्ण नेटवर्क अधिक कुशल बनेगा। मपी ट्रांसको की यह पहल तकनीकी उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो प्रदेश के उपभोक्ताओं को भरोसेमंद एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने में अहम योगदान देगी।
(Udaipur Kiran) तोमर