Uttar Pradesh

यूपी पुलिस और सेंचुरियन विश्वविद्यालय के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर

एमओयू पर हस्ताक्षर के दौरान मौजूद अधिकारी
एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद ली गई सामुहिक फोटो

लखनऊ, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) । उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण की मौजूदगी में शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में ओडिशा की सेंचुरियन विश्वविद्यालय के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए । इस समझौते का उद्देश्य प्रशासनिक, शैक्षणिक और अनुसंधान के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करना है।

इस दौरान एडीजी तकनीकी सेवाएं नवीन अरोरा ने इस समझौता ज्ञापन के प्रमुख लाभ बताते हुए कहा कि यह संयुक्त शिक्षण, प्रशिक्षण और अनुसंधान पहल, शोध सामग्री प्रकाशनों और पुस्तकालय संसाधनों का आदान-प्रदान, वैज्ञानिक उपकरणों, सॉफ्टवेयर और प्रयोगशाला सुविधाओं का सदुपयोग, वैज्ञानिकों व शोधार्थियों के लिए सह-मार्गदर्शन के अवसर प्रदान करेगा। यह एमओयू छात्रों को तेजी से विकसित हो रहे फोरेंसिक विज्ञान क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान करेगा, उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाएगा। अत्याधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देगा, जो देश भर में कानून प्रवर्तन और न्यायिक प्रणालियों का समर्थन करेगा।

इस अवसर पर डीजीपी ने इस एमओयू की सराहना करते हुए कहा कि यह ज्ञान-विनिमय, नवाचार और फॉरेंसिक क्षमता-वृद्धि की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह न केवल शैक्षणिक शोध को मज़बूत करेगा बल्कि प्रदेश की फॉरेंसिक संरचना को भी नई वैज्ञानिक शक्ति प्रदान करेगा। यह पहल उत्तर प्रदेश को वैज्ञानिक अन्वेषण और फॉरेंसिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण साबित हाेगी। यह एमओयू प्रदेश में हाल ही में शुरू की गई कई फॉरेंसिक पहलों को और गति देगा। नए आपराधिक कानूनों के अंतर्गत अब गंभीर अपराधों में फॉरेंसिक विशेषज्ञ का घटनास्थल (एसओसी) पर पहुंचना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे सबूतों का वैज्ञानिक और सटीक संकलन सुनिश्चित हो रहा है।

उन्होंने बताया कि इसी माह 75 अत्याधुनिक मोबाइल फोरेंसिक वैन का शुभारम्भ मुख्यमंत्री के हाथों हुआ है। ये वैन डीएनए सैंपलिंग, फिंगरप्रिंट विश्लेषण, टॉक्सिकोलॉजी परीक्षण और अन्य आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हैं। इससे प्रदेश में फॉरेंसिक-आधारित पुलिसिंग को नया आयाम मिला है। सेंचुरियन विश्वविद्यालय, व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण स्कूल को हाल ही में कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार ने उत्कृष्टता केंद्र के रूप में अधिसूचित किया है, जो अब तक यह मान्यता प्राप्त करने वाला भारत का एकमात्र विश्वविद्यालय है। सेंचुरियन विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट प्रो. मुक्तिकान्त मिश्र ने कहा कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला की फोरेंसिक विशेषज्ञता के साथ हमारे शैक्षिक संसाधनों को संयोजित कर, हम छात्रों और शोधकर्ताओं को फोरेंसिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी में प्रगति में सार्थक योगदान देने के लिए सशक्त बनाएंगे।

समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के सेंचुरियन विश्वविद्यालय, ओडिशा के प्रेसिडेंट प्रो. मुक्तिकान्त मिश्र, वॉयस चांसलर डॉ. सुप्रिया पटनायक, निदेशक, मोनालिसा घोष एवं एसोसिएट डीन, डॉ.रीना सी. झमतानी समेत यूपी पुलिस के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

(Udaipur Kiran) / दीपक

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