
मंडी, 23 अगस्त (Udaipur Kiran) । मंडी शहर को जल्द ही बेतरतीब बिजली तारों के जाल से मुक्त किया जाएगा। इसके लिए विद्युत विभाग करोड़ों रुपये की लागत से शहर की एल.टी. और एच.टी. लाइनें भूमिगत करेगा और नए ट्रांसफार्मर भी लगाए जाएंगे। यह निर्णय शनिवार को नगर निगम मंडी की साधारण बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता महापौर वीरेंद्र भट्ट शर्मा ने की।
बैठक की शुरुआत वार्ड नंबर 8 पैलेस क्लोनी में आपदा के दौरान तीन लोगों की मौत पर दो मिनट का मौन रखकर प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करने से हुई। बैठक में हिमाचल लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता धर्मेंद्र वर्मा ने राहत कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। निगम में तकनीकी शाखा में कर्मचारियों की कमी के कारण कुछ कार्य हिमुडा, लोक निर्माण या ग्रामीण विकास विभाग से करवाए जाएंगे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि नगर निगम क्षेत्र के सभी नालों की निशानदेही कराई जाएगी और एन.एच.ए.आई. के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि खलियार और पुरानी मंडी पुल के ऊपर खतरनाक चट्टानों को तुरंत हटाया जाए। साथ ही सड़कें, गड्ढे और क्लर्वटों की मरम्मत शीघ्र की जाएगी।
जलशक्ति विभाग को नालों और नालियों में बिछाई गई पाइप हटाने और सीवरेज चैंबर प्रैशर के माध्यम से ठीक करने के निर्देश दिए गए। स्वच्छ भारत मिशन के तहत इंदिरा मार्किट और अन्य क्षेत्रों में नालियों की सफाई और सीवरेज कार्य भी कराया जाएगा। आई.टी.आई मंडी के साथ कौशल विकास योजना के तहत भवन और स्ट्रीट लाइटें ठीक करवाई जाएंगी।
नगर निगम ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल से हाईड्रौलिक कटर, स्टैचरस, फ्लैशलाइट, हैडलैम्प, पोर्टेबल जनरेटर, कंक्रीट कटर, न्यूमैटिक लिफ्ट और बूश कटर जैसी उपकरणों की मांग की, जिसे अनुमोदन के लिए राज्य कार्यकारी समिति के समक्ष रखा जाएगा।
बैठक में महापौर के अलावा उपमहापौर माधुरी कपूर, पार्षद अलकनंदा हांडा, सुमेश उपाध्याय, राजेंद्र मोहन सहित अन्य पार्षद और अधिकारी उपस्थित रहे।
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(Udaipur Kiran) / मुरारी शर्मा
