
नई दिल्ली, 26 अगस्त (Udaipur Kiran) । अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण संबंधी समितियों के सभापतियों का राष्ट्रीय सम्मेलन भुवनेश्वर में 29 अगस्त को आयोजित होगा। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला इसका उद्घाटन करेंगे। दो दिवसीय इस सम्मेलन में 120 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे और विषय होगा—“अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण, विकास और सशक्तीकरण में संसदीय और विधायी समितियों की भूमिका”।
लोक सभा सचिवालय के अनुसार उद्घाटन सत्र में ओम बिरला प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे और स्मारिका का विमोचन करेंगे। इस अवसर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश और संसदीय समिति के सभापति फग्गन सिंह कुलस्ते सभा को संबोधित करेंगे। ओडिशा विधान सभा की अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी स्वागत भाषण देंगी और उपाध्यक्ष भवानी शंकर भोई धन्यवाद ज्ञापित करेंगे।
सम्मेलन में संसद और राज्य विधानमंडलों की अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण संबंधी समितियों के सभापति और सदस्य, ओडिशा सरकार के मंत्री और विधान सभा सदस्य शामिल होंगे। इसमें अनुसूचित वर्गों और जनजातियों के सशक्तीकरण हेतु संवैधानिक उपायों को मजबूत बनाने, सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके साथ ही वर्ष 2047 तक समावेशी और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में समितियों की भूमिका पर भी चर्चा होगी।
समापन सत्र 30 अगस्त को होगा। इसमें ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति विदाई भाषण देंगे। इस अवसर पर ओम बिरला, राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश, संसदीय समिति के सभापति फग्गन सिंह कुलस्ते, ओडिशा विधान सभा की अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी, उपमुख्यमंत्री के. वी. सिंह देव और प्रवती परिदा सभा को संबोधित करेंगे। समापन अवसर पर धन्यवाद ज्ञापन ओडिशा विधान सभा की समिति के सभापति भास्कर मधेई करेंगे।
उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण संबंधी समितियों का पहला सम्मेलन 1976 में नई दिल्ली में हुआ था। इसके बाद 1979, 1983, 1987 और 2001 में भी सम्मेलन आयोजित किए गए। इस बार यह सम्मेलन पहली बार दिल्ली से बाहर आयोजित किया जा रहा है।
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(Udaipur Kiran) / अनूप शर्मा
