
कटनी, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) । मध्य प्रदेश के कटनी जिले में कृषि विभाग ने किसानों को गुणवत्ता पूर्ण खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने सघन जांच अभियान चलाने और प्रयोगशाला में नमूनों की जांच करवा कर कार्रवाई की गई है।
जिले में अमानक बीज का विक्रय करने पर सात बीज विक्रेताओं का बीज विक्रय प्राधिकार पत्र निलंबित कर दिया गया है। जिले के विकासखंड कटनी के चार, विकासखंड बड़वारा के दो एवं विकासखंड विजयराघवगढ़ का एक बीज विक्रेता शामिल है। यह कार्रवाई दुकान से लिए गए धान के बीजों के नमूने प्रयोगशाला जांच में अमानक पाये जाने के बाद बीज गुण नियंत्रण आदेश 1983 की धारा 15 के अंतर्गत की गई ह।
उपसंचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास और उर्वरक पंजीयन अधिकारी डॉ. आर एन पटेल ने बताया कि विकासखंड कटनी के मेसर्स सुहाने बीज भंडार (प्रो. श्याम सुहाने) कटनी को बीज विक्रय प्राधिकार 13 जनवरी 2025 को जारी किया गया था। जो 12 जनवरी 2030 तक वैध था। मेसर्स मौर्या सीड्स कंपनी (प्रो. विजय बहादुर मौर्या) कन्हवारा को 12 जून 2025 को बीज विक्रय प्राधिकार प्रदान किया गया था एवं इसकी वैधता 11 जून 2030 तक थी। मेसर्स पटेल बीज भंडार (प्रो. कालीचरण पटेल) कैलवाराकला को 13 जनवरी 2025 को विक्रय प्राधिकार प्रदान किया गया था। इसकी वैधता तिथि 12 जनवरी 2030 तक थी तथा मेसर्स चौहान बीज भंडार (प्रो. श्रवण कुमार चौहान) पहरूआ कृषि उपज मंडी को 16 मई 2015 को विक्रय प्राधिकार प्रदान किया गया था। इसकी वैधता तिथि 30 नवंबर 2026 तक थी।
इसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसी प्रकार विकासखंड बड़वारा के मेसर्स आरपी कृषि केन्द्र (प्रो. पूनम पटेल) बड़वाराकला को 11 अक्टूबर 2021 को विक्रय प्राधिकार प्रदान किया गया था। इसकी वैधता तिथि 10 अक्टूबर 2026 तक थी। मेसर्स न्यू गुरूकृपा बीज भंडार (प्रो. सतेन्द्र कुमार सिंह) बड़वारा को 25 मई 2022 को विक्रय प्राधिकार प्रदान किया गया था। इसकी वैधता तिथि 24 मई 2027 तक थी। इसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा विकासखंड विजयराघवगढ़ के मेसर्स जनक नंदनी कृषि सेवा केन्द्र (प्रो. सुधांशु दुबे) को 23 मई 2022 को विक्रय प्राधिकार प्रदान किया गया था। इसकी वैधता तिथि 22 मई 2027 तक थी। इसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
दर्ज करायें एफआईआर कलेक्टर दिलीप यादव ने उर्वरक की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, टैगिंग, मिस ब्रांडिंग, गुणवत्ताहीन उर्वरक बिक्री करने वाले और अवैध परिवहनकर्ताओं सहित इस प्रकार के कार्यों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम सहित अन्य धाराओं के तहत एफआईआर कराने जैसी कार्रवाई के भी सख्त निर्देश भी अधिकारियों को दिए हैं।
कलेक्टर ने इस कार्य की निगरानी का दायित्व संबंधित एसडीएम और वहां के कृषि विभाग के अधिकारियों को सौंपा है। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अन्नदाता, किसानों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी करने वाले खाद-बीज विक्रेताओं को बख्शा नहीं जाए, सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाये।
—————
(Udaipur Kiran) / राकेश चतुर्वेदी
