
मंडला, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) । मध्य प्रदेश के मंडला जिले में आत्मा परियोजना अंतर्गत राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन योजना के माध्यम विकासखंड बीजाडांडी अंतर्गत 7 ग्राम पंचायत को प्राकृतिक खेती क्लस्टर के रूप में चयनित किया गया है। जिसमें 875 किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में शुक्रवार को पाठा चौरई एवं बरगांव ग्राम पंचायत में बीटीएम मोहित गोल्हानी द्वारा प्राकृतिक खेती में पंजीकृत किसानों को जागरूक कर अपने खेत में जीवामृत प्रयोग की विधि बताई गई। किसानों को कम लागत में घर पर ही प्राकृतिक खाद एवं दवाईयां, कीट प्रबंधन एवं पोषण प्रबंधन की उपलब्धता के लिये 4 बायो रिसोर्स सेंटर खोले जाने की जानकारी दी। बीआरसी के माध्यम से किसानों को आसानी से खाद एवं दवाईयां उपलब्ध कराई जाएगी।
आत्मा परियोजना के संचालक अश्वनी झारिया एवं उप परियोजना संचालक अंजू कोड़ापे के मार्गदर्शन में प्राकृतिक खेती न केवल स्वास्थ्य के लिये लाभदायक है बल्कि पर्यावरण, मिट्टी और भूमिगत जल को दूषित होने से बचाता है। जीवामृत, घनजीवामृत, पंचगव्य रोग एवं कीट नियंत्रण हेतु दशपर्णी अर्क, अग्नेयास्त्र, नीमास्त्र आदि बनाने कि विधि और कब और कैसे कितनी मात्रा में इसका प्रयोग करना है ? इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी।
किसानों ने जैविक खाद दवाईयों के बारे में समझकर उपयोग करने का संकल्प लिया। माना कि इस पद्धति से खेत में कार्बनिक तत्वों की मात्रा में वृद्धि होगी और मिट्टी में जलधारण क्षमता बढ़ेगी, साथ ही लागत कम और उत्पादन में वृद्धि होगी। कार्यक्रम में कृषि विस्तार अधिकारी अनिल मुनिया, चिंता लाल कोकड़िया, सरपंच, जनप्रतिनिधि, कृषि सखी तथा उन्नतशील कृषक शामिल रहे।
(Udaipur Kiran) तोमर
