
कठुआ 26 अगस्त (Udaipur Kiran) । कठुआ जिले में लगातार हो रही बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। सहार खड्ड का पुल, जो बीते दिन क्षतिग्रस्त हुआ था और कल प्रशासन ने अस्थायी रूप से खोल दिया था, उसे मंगलवार को सुबह फिर से मालवाहक ट्रकों और भारी वाहनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। हालांकि छोटी गाड़ियों के लिए आवागमन जारी है।
इस बीच जिला कठुआ के पहाड़ी क्षेत्र बनी बिलावर बसोहली के अधीन पढ़ते नदी नालों में पानी का बहाव तेजी से बढ़ रहा है। जम्मू पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित सहार खड्ड में लगातार जलस्तर बढ़ता जा रहा है। सहार खड्ड ब्रिज के पास स्थित भारतीय जनता पार्टी के कठुआ मुख्यालय को जाने वाला मार्ग भी बाढ़ की चपेट में आ चुका है। तेज धारा की वजह से कई बिजली के खंभे बह गए हैं। वहीं, पीएचई विभाग द्वारा बनाई गई पानी की टंकी पर भी खतरा मंडरा रहा है, जो कभी भी गिर सकती है। अगर सहार खड्ड का जलस्तर तेली से बढ़ता है तो इसी के साथ लगता ओवरहेड टैंक, आयुष इमारत, बिजली विभाग कार्यालय, निजी स्कूला की इमारत इसकी चपेट में आ सकती है।
हालातो का जायजा लेने डीसी कठुआ अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और आशंका जताई जा रही है कि अगर सहार खड्ड का जलस्तर तेजी से बढ़ता है तो उसके साथ लगते रिहायशी इलाकों को भी नुकसान पहुंच सकता है जो की एक चिंता का विषय बना हुआ है। फिलहाल पठानकोट जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी भरकम वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है मात्र छोटे वाहनों की आवाजाही जारी है। वहीं जिला कठुआ के पहाड़ी क्षेत्रों में भी भारी बारिश का कहर जारी है। बनी में सेवा डैम का भी जलस्तर बढ़ गया है, इसी के साथ बढ़ते जलस्तर को देखते हुए रणजीत सागर डैम के गेट खोल दिए हैं और वही रवि दरिया में भी करीब 37 साल के बाद पानी छोड़ा गया है जोकि पड़ोसी राज्य पंजाब के निचले इलाके और जम्मू कश्मीर के निचले इलाके इसकी चपेट में आ रहे हैं। हालांकि दरिया के किनारे सभी रिहायशी इलाके खाली करवा लिए गए है। कुल मिलाकर भारी बारिश के कारण जिला कठुआ की स्थिति भिगड़ती जा रही है। रावी दरिया और उज खड्ड सहित कई नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में खतरा और बढ़ गया है। वहीं प्रशासन ने लोगों को सख्त हिदायतें दी है कि वे किसी भी तरह का अनावश्यक सफर न करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
—————
(Udaipur Kiran) / सचिन खजूरिया
