जौनपुर, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) । जलालपुर क्षेत्र के हुंसेपुर गांव निवासी एक युवक से उसके भाई की स्टेट बैंक में क्लर्क पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर जालसाजों नेआठ लाख रूपये ठग लिये। काम नही होने पर जब युवक ने अपने पैसे को मांगा तो पैसे की जगह उन्हें मारा पीटा गया। पीड़ित द्वारा मामला सी.जे.एम के न्यायालय में ले जाया गया। शुक्रवार को सी.जे.एम ने मामला सुनकर तीन नामजद सहित चार अज्ञात के विरूद्ध जलालपुर थाने को केस दर्ज करने का आदेश दिया है।
उक्त गांव निवासी आशीष शुक्ला सी.जे.एम कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि कुछ माह पूर्व उनकी दोस्ती रामेश्वरम मंदिर राजेपुर में पूजा-पाठ के दौरान शुभम पाण्डेय निवासी हरिहरपुर थाना चन्दवक से हो गयी थी। शुभम का उनके घऱ पर आना जाना शुरू हो गया। इस दौरान शुभम और उसके पिता महेन्द्र पाण्डेय तथा भाई ज्ञानप्रकाश द्वारा आशीष को बताया गया कि उनकी पकड़ बैंक विभाग के अधिकारियों में है। वे सरकारी बैंको में क्लर्क की नौकरी दिलवा सकते हैं। आशीष शुक्ला उनके बहकावे में आ गया और अपने छोटे भाई अमित शुक्ला की स्टेट बैंक में क्लर्क पद पर नौकरी की लालच में कई पार्ट में आठ लाख रूपये दे दिया। उसने यह रूपये उन लोगों के 5.80 लाख रूपये नगद और बाकी के पैसे शुभम सहित अन्य के खाते में दो फरवरी को ट्रान्सफर कर दिये। समय बीतता गया। आशीष के भाई अमित को न तो नौकरी मिली और ना ही दिये हुए आठ लाख रूपये। बीच- बीच में आशीष द्वारा कहा जाता रहा है कि नौकरी न मिल पा रही हो तो उसके दिये पैसे ही वापस लौटा दिया जाय।
इस पर शुभम के लोगों द्वारा हीला हवाली की जाती रही। 20 मार्च 2025 की शाम को शुभम पाण्डेय और उनके लोगों ने आशीष को फोन करके सिरकोनी क्रासिंग के पास पैसा देने के नाम पर बुलाया। आशीष अपने एक रिश्तेदार के साथ सिरकोनी क्रासिंग के पास पैसे लेने चला गया। वहां उन लोगों ने आशीष को गाली गलौज देते हुए मारने पीटने लगे। लोगों की भीड़ इकठ्ठा होने पर शुभम अपने लोगों के साथ भाग गया।
इस मामले में जानकारी लेने पर थाना प्रभारी गजानन्द चौबे ने बताया कि सी.जे.एम के आदेश पर चन्दवक थाना क्षेत्र हरिहरपुर गांव निवासी शुभम पाण्डेय, ज्ञानप्रकाश पाण्डेय, महेन्द्र पाण्डेय के साथ चार से पांच अज्ञात लोगों के विरूद्ध धोखाधड़ी सहित मारपीट की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। आगे की विधिक कार्यवाई की जा रही है।
(Udaipur Kiran) / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
