Madhya Pradesh

जबलपुर : हवाई कनेक्टिविटी को लेकर लगी जनहित याचिका में हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

मप्र हाईकोर्ट

जबलपुर, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) । मध्‍य प्रदेश उच्‍च न्‍यायालय में जबलपुर से सुप्रीम कोर्ट (दिल्ली) और हाईकोर्ट की इंदौर-ग्वालियर बेंचों तक हवाई माध्यम से पहुंचने में हो रही परेशानी को लेकर एक जनहित याचिका लगाई गई है। इसमें बताया गया है कि वकीलों और वादियों को किस तरह परेशान होना पड़ रहा है।

दरअसल, इस याचिका में लॉ स्टूडेंट पार्थ श्रीवास्तव ने बताया कि जबलपुर की हवाई कनेक्टिविटी बहुत कमजोर है, जिस क्षेत्र को केवल 9 उड़ानें मिल रही हैं, वहीं भोपाल जैसे छोटे शहर को दिन में 50 उड़ानें प्राप्त हैं । वरिष्ठ वकील आदित्य संघी ने अदालत में कहा, “भोपाल, जो कि जबलपुर से छोटा ही है, उसे 50 उड़ानें मिली हैं, जबकि हमें केवल 9 उड़ानें मिल रही हैं, और वे भी अजीब-अजीब समय पर।” इस कमी के कारण वकीलों और वादियों को ना केवल सुप्रीम कोर्ट या दिल्ली हाईकोर्ट में समय पर उपस्थित होने में कठिनाई होती है, बल्कि कभी-कभी जबलपुर हाईकोर्ट में ही पूरा दिन न्यायिक कार्यों में निकल जाता है।

इस दौरान एडवोकेट जनरल (डिप्टी) विवेक शर्मा ने अदालत को बताया कि एविएशन निदेशालय ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है और एयरलाइन ऑपरेटरों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं । वहीं, इंटर ग्लोब एविएशन लिमिटेड की ओर से एडवोकेट सिद्धार्थ शर्मा उपस्थित थे। अदालत ने उनको निर्देश दिया है कि वे एक एफिडेविट पेश करें, जिसमें जबलपुर से दिल्ली, मुंबई और इंदौर के लिए उड़ानों का पूर्ण विश्लेषण और इन मार्गों पर यात्रियों की संख्या जैसे तथ्य शामिल हों ।

इस याचिका के माध्यम से जबलपुर से जुड़ी एयर कनेक्टिविटी को लेकर उड़ानों की स्थिति सामने आई है। कम उड़ानों के चलते हो रही परेशानी पर कोर्ट ने संज्ञान लिया है। अब इस मामले में हाईकोर्ट ने जवाब मांगा है। इस मामले की सुनवाई 9 सितंबर को तय की गई है। तब सीलबंद लिफाफे में एयरलाइन कंपनी अपना कमर्शियल डेटा प्रस्तुत करेगी और सरकार भी जारी किए गए टेंडर की स्थिति कोर्ट में बताएगी।

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(Udaipur Kiran) / विलोक पाठक

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