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हिमाचल में बिना छात्रों के 527 स्कूलों को सरकार ने किया बंद

शिमला, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) । हिमाचल प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान शिक्षण संस्थानों को बंद करने का मुद्दा गरमा गया। प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने इस पर सरकार को घेरा और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

विपक्ष ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार लगातार स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने व स्थानांतरित करने का काम कर रही है, जबकि सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री ने साफ किया कि यह फैसले संतुलित विकास और जनता के हित में लिए गए हैं।

सरकाघाट के विधायक दलीप ठाकुर के सवाल पर जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अब तक 126 नए संस्थान खोले हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के आखिरी छह महीनों में बिना किसी ठोस आधार के कई संस्थान खोले गए थे, जिनकी समीक्षा की गई। मुकेश ने कहा कि सरकार ने केवल उन्हीं स्कूलों को बंद किया है, जिनमें एक भी बच्चा पंजीकृत नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि 527 स्कूल इसलिए बंद किए गए क्योंकि उनमें कोई विद्यार्थी ही नहीं था।

इसी मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर सवाल दागते हुए कहा कि आज तक हिमाचल में जो भी सरकारें बनीं, वे काम करने के लिए बनीं। लेकिन मौजूदा सरकार काम बंद करने के लिए चुनी गई लगती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस सरकार बनी तो कैबिनेट का गठन तक नहीं हुआ था, लेकिन कैबिनेट बनाए बिना ही भाजपा सरकार के कार्यकाल में खोले गए संस्थानों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

जयराम ने कहा कि पिछले सत्र में यह जानकारी दी गई थी कि 1859 संस्थान बंद किए गए हैं और तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद सरकार अब तक लगातार संस्थान बंद करने और उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करने का काम कर रही है।

जयराम ने अपने सिराज हल्के का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में 205 बीघा जमीन हॉर्टिकल्चर कॉलेज के लिए दी गई थी और मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने 10 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान करके इसका शिलान्यास किया। लेकिन मौजूदा सरकार ने न सिर्फ टेंडर रोक दिए बल्कि कॉलेज को बदल भी दिया। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कॉलेज का निर्माण वहीं होगा जहां जमीन और बजट उपलब्ध कराया गया था।

जवाब में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह वेलफेयर स्टेट है और सरकार जनता के हित में फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों के लिए जमीनें दान दी गई हैं, वे सुरक्षित हैं और भविष्य में उनका इस्तेमाल अन्य संस्थानों के लिए किया जा सकता है। उन्होंने जयराम ठाकुर पर पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व सरकार ने हॉर्टिकल्चर कॉलेज का केवल शिलान्यास किया था, लेकिन निर्माण शुरू नहीं किया। जिस जगह कॉलेज का काम शुरू होना था, वहां आपदा आई, इसलिए 300 बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए कॉलेज को स्थानांतरित करना पड़ा।

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि विपक्ष लगातार यह भ्रम फैला रहा है कि सरकार संस्थान बंद कर रही है, जबकि हकीकत यह है कि सिर्फ जीरो इनरोलमेंट वाले स्कूल ही बंद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों में एक भी बच्चा नहीं पढ़ता, उन्हें चलाना व्यावहारिक नहीं है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को यह भी बताना चाहिए कि जब पूर्व सरकार ने मंडी में हवाई अड्डे और हॉर्टिकल्चर कॉलेज की घोषणा की थी, तो आज तक वहां निर्माण क्यों नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि घोषणाएं करना और बजट दिखाना आसान है, लेकिन असली विकास तब होता है जब काम जमीन पर नजर आए।

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(Udaipur Kiran) / उज्जवल शर्मा

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