Chhattisgarh

अपनी गलतियों के लिए दूसरों से करें क्षमा याचना: प्रशम सागर

शहर में जैन मंदिर जाते हुए जैन मुनि।

धमतरी , 27 अगस्त (Udaipur Kiran) । श्री पार्श्वनाथ जिनालय इतवारी बाजार में प्रशम सागर महाराज साहेब एवं योगवर्धन जी महाराज साहेब की निश्रा में पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व का समापन बड़े श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ।

बुधवार 27 अगस्त 2025 को प्रवचन के दौरान परम पूज्य प्रशम सागर महाराज साहेब ने कहा कि, आज क्षमापन पर्व है। सावंत्सरिक प्रतिक्रमण करने से पूर्व अपने भीतर की गांठों को खोलना आवश्यक है। अर्थात हमें दूसरों से क्षमा याचना करनी चाहिए और सभी को क्षमा भी प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पर्यूषण पर्व का यह अंतिम दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन भद्रबाहू स्वामी द्वारा रचित प्राकृत भाषा के मूलसूत्र बारसा सूत्र का वाचन श्रीसंघ के समक्ष किया जाता है। इस अवसर पर बारसा सूत्र बोहराने का लाभ नवरतनमल मनोज कटारिया परिवार ने लिया, वहीं पाना झेलाने का लाभ रमेशचंद, इंद्रेश सराफ परिवार ने प्राप्त किया। प्रवचन के पश्चात परम पूज्य प्रशम सागर महाराज साहेब एवं परम पूज्य योगवर्धन महाराज साहेब ने कल्पसूत्र के मूलपाठ का वाचन किया। तत्पश्चात गुरु भगवंतों की निश्रा में पूरे श्रीसंघ द्वारा चैत्यपरिपाटी का आयोजन किया गया।

चैत्यपरिपाटी के अंतर्गत पूरे नगर के विभिन्न जिनालयों में जाकर सामूहिक दर्शन-वंदन किया गया। सर्वप्रथम श्रीसंघ ने पार्श्वनाथ जिनालय इतवारी बाजार में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके पश्चात जुलूस के रूप में बालक चौक स्थित श्री आदिश्वर जिनालय पहुंचे और वहां भी परमात्मा का वंदन किया। तत्पश्चात शांति कालोनी स्थित श्री अभिनंदनस्वामी जिनालय पहुंचकर गुरु भगवन्तों के सान्निध्य में सामूहिक दर्शन-वंदन का लाभ लिया। पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व के अंतिम दिन प्रवचन, मूलसूत्र वाचन और चैत्यपरिपाटी में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं की सहभागिता रही। वातावरण धर्ममय और मंगलमय बन गया। इस दौरान जैन समाज के लोग काफी संख्या में शामिल रहे।

(Udaipur Kiran) / रोशन सिन्हा

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