मुंबई,29 अगस्त ( हि. स.) । ठाणे क्षेत्र में वन विभाग के वनरक्षक अधिकारी 47 वर्षीय निलेश सीताराम श्रावणे और उनके सहयोगी 25 वर्षीय मछिंद्र प्रकाश सोनटक्के को ठाणे एंटी करप्शन ब्यूरो के दस्ते ने कल 28 अगस्त 2025को शिकायतकर्ता से 25हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
ठाणे ब्यूरो के पुलिस निरीक्षक सचिन मोरे ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि शिकायतकर्ता के भाई और उनके परिचित का मोर पंख विक्रय करने का व्यवसाय करता है।कल 25अगस्त को ठाणे के वन रक्षक अधिकारी निलेश सीताराम श्रावणे ने उन्हें मोर पंख बेचते हुए उन्हें अपने अधिकार में ले लिया था । इसके बाद मामला दर्ज न करने की शर्त पर वन रक्षक अधिकारी निलेश ने उनसे पचास हजार रुपए की मांग की थी।इसके बारे में शिकायतकर्ता ने 26 अगस्त को ठाणे ब्यूरो में इसकी सूचना दी थी।
ठाणे ब्यूरो द्वारा इसकी जांच पड़ताल करने के बाद इस शिकायत को सही पाया था।इसके बाद 25 अगस्त 2025को शिकायतकर्ता द्वारा पुनः संपर्क करने पर वन रक्षक अधिकारी निलेश ने शिकायतकर्ता के भाई और उनके परिचित पर प्रकरण न दर्ज करने और जब्त मोर पंख वापस करने के बदले में शिकायतकर्ता से पच्चीस हजार रुपए की तैयारी दिखलाई थी।इस मामले में वन रक्षक मच्छिंद्र भी सहयोगी की भूमिका में थे।
कल 28 अगस्त ,को जब ठाणे के वन रक्षक अधिकारी निलेश सीताराम श्रावणे के आदेश पर वनरक्षक मच्छिंद्र प्रकाश सोनटक्के शिकायतकर्ता से पच्चीस हजार रुपए की रिश्वत की राशि ले रहे थे ठाणे ब्यूरो ने उन्हें ठाणे के कोलशेत वन विभाग क्षेत्र में गिरफ्तार कर लिया ।इसके बाद वनरक्षक अधिकारी निलेश सीताराम श्रावणे को भी हिरासत में लेकर ठाणे शहर के वर्तक नगर पुलिस स्टेशन में रिश्वत लेने पर मामला दर्ज किया गया।
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(Udaipur Kiran) / रवीन्द्र शर्मा
