West Bengal

डायमंड हार्बर में फर्जी सीबीआई और ईडी ऑफिस का भंडाफोड़, पांच ठग गिरफ्तार

डायमंड हार्बर में ठगी के मामले में  पांच आरोपित गिरफ्तार

डायमंड हार्बर, 26 अगस्त (Udaipur Kiran) । पश्चिम बंगाल पुलिस ने डायमंड हार्बर में एक बड़े फर्जीवाड़े और ठगी के रैकेट का पर्दाफाश किया है। आरोपित खुद को कभी सीबीआई अधिकारी, कभी ईडी अधिकारी, तो कभी सीआईडी अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करते थे। इस पूरे नेटवर्क के सरगना समेत पांच लोगों को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार किया है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (जोनल) मितुन कुमार दे ने बताया कि डायमंड हार्बर नगर पालिका के 14 नंबर वार्ड, दीवानी कोर्ट पाड़ा इलाके में इस गिरोह ने बाकायदा ऑफिस खोल रखा था। ऑफिस का उद्घाटन भी बड़ी धूमधाम से किया गया था। उद्घाटन के समय एक व्यक्ति नीली बत्ती लगी गाड़ी में आया और खुद को “केंद्रीय सरकारी अधिकारी” बताकर लोगों को प्रभावित किया।

गिरोह ने अपने ऑफिस का नाम रखा था सोशल-लीगल-क्राइम एंड इंफॉर्मेशन क्राइम इंडिया एसोसिएशन। ऑफिस में लगे बैनर पर यह दावा किया गया था कि संस्था सेंट्रल विजिलेंस कमीशन से प्रमाणित है और भारत सरकार से रजिस्टर्ड व लाइसेंस प्राप्त है।

आरोप है कि यह गिरोह दक्षिण 24 परगना के अलग-अलग इलाकों में व्यवसायियों और आम लोगों को सरकारी अधिकारी बनकर डराता-धमकाता और उनसे वसूली करता था। यहां तक कि जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की तस्वीरों वाले फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर भी लोगों को प्रभावित किया जाता था। कई लोग पहले ही इस ठगी के शिकार हो चुके हैं।

शिकायत मिलने के बाद डायमंड हार्बर पुलिस इस मामले को संज्ञान में लिया। एसडीपीओ साकिब अहमद और डायमंड हार्बर थाने के आईसी अमरजीत विश्वास की अगुवाई में छापेमारी की गई और गिरोह के पांच सदस्यों को पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपितों में सरगना फाल्गुनी चटर्जी (निवासी–लेक थाना, कोलकाता), सुझाउद्दीन शेख (फलता), गोपाल बारिक (लेक थाना क्षेत्र), संदीप बर्मन, मुस्ताकिन मोल्ला और जमाल हालदार (कुलतली) शामिल हैं। पुलिस ने आरोपितों के पास से फर्जी आईडी कार्ड, बैज और दस्तावेज भी जब्त किए हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरोह ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उनका कथित मुख्यालय दक्षिण दिनाजपुर में है। जांच की जा रही है कि क्या इस नेटवर्क का संबंध पहले पकड़े गए ठगों से है और इसके पीछे और कौन लोग जुड़े हुए हैं। वर्तमान में सभी आरोपितों से पुलिस हिरासत में पूछताछ की जा रही है ताकि जांच प्रक्रिया तेजी के साथ पूरी की जा सके ।

(Udaipur Kiran) / अनिता राय

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