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अलास्का में एफ-35 क्रैश रिपोर्ट : पायलट ने दुर्घटना से पहले इंजीनियरों से की थी लंबी बात

वॉशिंगटन, 28 अगस्त (Udaipur Kiran) । अमेरिकी वायुसेना के अत्याधुनिक एफ-35 लड़ाकू विमान की इस साल जनवरी में अलास्का के आइल्सन एयरफोर्स बेस पर हुई दुर्घटना की जांच रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, विमान क्रैश होने से कुछ समय पहले पायलट ने लॉकहीड मार्टिन के इंजीनियरों के साथ करीब 50 मिनट तक कॉन्फ्रेंस कॉल पर चर्चा की, ताकि तकनीकी समस्या का समाधान निकाला जा सके।

जांच में पता चला कि घटना की जड़ लैंडिंग गियर के हाइड्रोलिक सिस्टम में बर्फ जमने से हुई गड़बड़ी थी। उड़ान भरते ही पायलट को गियर वापस खींचने में दिक्कत हुई। बाद में नोज गियर एक गलत एंगल पर लॉक हो गया। इसके चलते विमान के सिस्टम ने गलत संकेत प्राप्त किए और यह मान लिया कि विमान जमीन पर है, जिससे लगातार तकनीकी विफलताएं शुरू हो गईं।

मानक प्रक्रियाओं से समस्या हल नहीं होने पर पायलट ने लॉकहीड के पांच इंजीनियरों से संपर्क किया, जिनमें लैंडिंग गियर और सॉफ्टवेयर विशेषज्ञ भी शामिल थे। इंजीनियरों के सुझाव पर पायलट ने दो बार टच-एंड-गो लैंडिंग का प्रयास किया, लेकिन इससे स्थिति और बिगड़ गई। दोनों मुख्य लैंडिंग गियर भी फंस गए और ठीक से नहीं खुल पाए।

इसके बाद जैसे ही विमान के सेंसर ऑटोमैटिक ग्राउंड-ऑपरेशन मोड में शिफ्ट हुए, एफ-35 अनियंत्रित हो गया। अंततः पायलट को इजेक्ट करना पड़ा। विमान क्रैश होकर आग के गोले में तब्दील हो गया। करीब 20 करोड़ डॉलर की लागत वाला यह अत्याधुनिक फाइटर पूरी तरह नष्ट हो गया, जबकि पायलट को मामूली चोटें आईं।

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(Udaipur Kiran) / आकाश कुमार राय

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