
प्रयागराज, 01 अगस्त (Udaipur Kiran) । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इटावा के चर्चित कथावाचक मुकुटमणि यादव व उनके सहयोगी संतराम यादव की अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है। यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक वर्मा ने दिया।
इटावा के बकेवर थाना में कथावाचक मुकुटमणि यादव व उनके सहयोगी संतराम यादव पर धोखाधड़ी, रूप बदलकर छल करना, जालसाजी आदि आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया गया था। ट्रायल कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी तो आरोपियों ने उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की।
आरोपितों के अधिवक्ता ने दलील दी कि इस मामले में आवेदक को झूठा फंसाया गया है। शिकायतकर्ता के खिलाफ आवेदक ने पहले मुकदमा दर्ज कराया तो बदले में उक्त कार्रवाई की गई। आवेदक का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। अपराधों का गठन करने के लिए कोई विश्वसनीय सबूत नहीं है। शासकीय अधिवक्ता ने दलीलों को विरोध किया। कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद सशर्त अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।
–भागवत कथा कहने गए मुकुटमणि पर यजमान ने दर्ज कराया मुकदमाइटावा के दांदरपुर गांव में मुकुटमणि यादव व उनके सहयोगी संतराम यादव भागवत कथा कहने गए थे। इस दौरान कुछ विवाद होने पर यजमान ने दोनों पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया। वहीं इससे पूर्व मुकुटमणि की तरफ से भी यजमान पक्ष के कुछ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। बता दें इस दौरान एक कथित वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें कुछ युवक बाल काटते हुए दिख रहे थे। इसे लेकर काफी हंगामा हुआ था।
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(Udaipur Kiran) / रामानंद पांडे
