
नई दिल्ली, 29 नवंबर (Udaipur Kiran) । डे-नाइट टेस्ट मैचों में पहले बल्लेबाजी करना जीत का “हाईवे” माना जाता है, लेकिन इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन का कहना है कि ऐशेज़ को 1-1 से बराबर करने का सबसे अच्छा मौका इंग्लैंड को तभी मिलेगा जब वे गाबा में टारगेट का पीछा करें।
वॉन का यह विचार इंग्लैंड की मौजूदा रणनीति और पिछले सफल परिणामों से मेल खाता है।
ब्रेंडन मैकुलम के मई 2022 में कोच बनने के बाद से इंग्लैंड दो बार 350+ का लक्ष्य (373 और 378 बनाम भारत) सफलतापूर्वक चेज़ कर चुका है—ये इंग्लैंड के इतिहास की दो सबसे बड़ी सफल रन चेज़ हैं।
हाल ही में इंग्लैंड 374 का पीछा करते हुए भारत से छह रन से हारा था। इसके अलावा टीम दो बार 290+ के लक्ष्य भी हासिल कर चुकी है।
वॉन ने ऑस्ट्रेलियन एसोसिएटेड प्रेस से बातचीत में कहा,“अगर इंग्लैंड को गाबा में जीतना है तो वे अपना आक्रामक खेल ही खेलेंगे। मज़े की बात यह है कि इंग्लैंड के लिए सबसे अच्छा मौका तभी होगा जब वे टॉस हारकर लक्ष्य का पीछा करें। यह बल्लेबाजी यूनिट किसी टारगेट को देखते हुए ज्यादा बेहतर खेलती है। पहले बल्लेबाजी में वे अक्सर कंफ्यूज़ हो जाते हैं।
डे-नाइट टेस्ट में टॉस का महत्व
दुनिया में खेले गए 45 डे-नाइट टेस्ट में से 27 बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है।
इंग्लैंड ने मैकुलम के कार्यकाल में 16 बार टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी है और केवल 7 बार पहले बल्लेबाजी की है।
डे-नाइट फॉर्मेट में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी कर जीत हासिल करने वाली अकेली टीम न्यूजीलैंड है, जिसने 2018 में ऑकलैंड टेस्ट में इंग्लैंड को हराया था।
वॉन का मानना है कि गाबा में टॉस जीतकर गेंदबाजी करना बेहद जोखिम भरा कदम होगा।
उन्होंने कहा,डे-नाइट मैच में टॉस जीतकर बैटिंग करना ही सुरक्षित विकल्प है। यह दिन की रोशनी में बल्लेबाजी की गारंटी देता है। अगर आप अच्छा खेलते हैं तो दूसरी सुबह तक बल्लेबाजी चलती है और फिर ट्वाइलाइट में गेंदबाजी का मौका मिलता है।
इंग्लैंड की गेंदबाजी गाबा की पिच के अनुकूल
वॉन ने कहा कि इंग्लैंड के पास वह तेज गेंदबाजी आक्रमण है जो ऑस्ट्रेलिया की परिस्थितियों में बेहद घातक साबित हो सकता है।
जॉफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, मार्क वुड, ब्राइडन कार्स और बेन स्टोक्स की पांच तेज गेंदबाजों वाली आक्रमक लाइन-अप ने पहले टेस्ट की पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया को बुरी तरह झकझोरा था।
उन्होंने कहा,यह इंग्लैंड की वह टीम है जिसके पास ऑस्ट्रेलिया में सफल होने का सबसे अच्छा टूलसेट है। अब इतनी ज़रूरत नहीं है कि आपके पास विश्वस्तरीय स्पिनर हो—ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर अब भीमातर सीमर्स के लिए काफी मदद होती है।
मिडिल ऑर्डर इंग्लैंड की सबसे बड़ी ताकत
वॉन के अनुसार इंग्लैंड के पास नंबर 4 से 7 तक का सबसे मजबूत बैटिंग ग्रुप है—जो रूट, हैरी ब्रूक, बेन स्टोक्स और जेमी स्मिथ।
उन्होंने कहा,ये चार शायद इंग्लैंड के इतिहास के सबसे बेहतरीन मिडिल ऑर्डर का हिस्सा हो सकते हैं। बस उन्हें स्मार्ट खेलना होगा। इंग्लैंड का आक्रामक तरीका जीत दिला सकता है, लेकिन इसके साथ जोखिम भी जुड़े हैं। अगर वे थोड़ा समझदारी से खेलें तो टीम सीरीज में वापसी कर सकती है।
बता दें कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच एशेज सीरीज का दूसरा टेस्ट 4 से 8 दिसंबर तक ब्रिस्बेन के गाबा में खेला जाएगा, जो डे नाइट टेस्ट होगा।
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(Udaipur Kiran) दुबे