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नशामुक्ति की मुहिम: करसोग में बिना लाइसेंस तंबाकू बिक्री पर लगेगी रोक

मंडी, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) । बीएमओ करसोग डॉ. गोपाल चौहान ने जानकारी देते हुए कहा कि लोगों को बीड़ी, सिगरेट और अन्य नशीले तंबाकू पदार्थों से बचाने के लिए स्वास्थ्य प्रशासन अब कड़े कदम उठाने जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से विशेष कार्य योजना तैयार की गई है।

उन्होंने कहा कि करसोग उपमंडल में अब कोई भी सिंगल सिगरेट नहीं बेच पाएगा और बिना लाइसेंस कोई तंबाकू पदार्थ बेचना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इस अभियान की शुरुआत करसोग से की जा रही है। डॉ. चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इसके लिए वर्ष 2016 में कानून बनाया था, लेकिन यह कानून अब तक जमीनी स्तर पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया है।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में गत 14 अगस्त, 2025 को करसोग में खंड विकास अधिकारियों के साथ एक बैठक भी आयोजित की गईथी, जिसमें संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया और विस्तृत कार्ययोजना बनाई है। उन्होंने कहा कि तंबाकू बेचने का लाइसेंस केवल पंचायत सचिव और नगर पंचायत द्वारा उन्हीं लोगों को दिया जाएगा, जो तंबाकू नियंत्रण कानून 2003 का पूर्ण पालन करेंगे।

बीएमओ ने कहा कि इस कानून के अंतर्गत शिक्षण संस्थानों के 100 गज/मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का तंबाकू पदार्थ बेचना प्रतिबंधित है। बच्चों को तंबाकू पदार्थ बेचना अपराध है। इसके अलावा, सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान पूरी तरह निषेध है तथा तंबाकू के विज्ञापन पर रोक है। बिना चेतावनी लिखे तंबाकू उत्पाद बेचना भी कानून का उल्लंघन है।

उन्होंने कहा कि तंबाकू नियंत्रण कानून 2003 के उल्लंघन पर एक हजार से 10 हजार जुर्माना तथा 5 वर्ष की कैद का प्रावधान है और इसके अतिरिक्त, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 2016 में बनाए गए कानून के उल्लंघन पर 15 हजार रुपए से एक लाख रुपए जुर्माना और एक वर्ष कैद का प्रावधान है।

डॉ. चौहान ने स्पष्ट किया हैं कि वर्ष 2016 में बने इस कानून को अब धरातल पर कड़ाई से लागू किया जाएगा। बीएमओ ने क्षेत्रवासियों से आग्रह किया हैं कि वे न केवल स्वयं नशे से दूर रहें, बल्कि बच्चों और युवाओं को भी इस अभिशाप से बचाने में प्रशासन का सहयोग करें।

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(Udaipur Kiran) / मुरारी शर्मा

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