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हिमाचल में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई जिलों में नुकसान, आरेंज अलर्ट जारी

भूस्खलन से नुकसान

शिमला, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) । हिमाचल प्रदेश में मॉनसून का कहर लगातार जारी है और लगातार हुई भारी बारिश से कई जिलों में सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। जनजातीय जिला किन्नौर के उपमंडल पूह के लिप्पा गांव में आज तड़के बादल फटने के कारण बोगली नाले में अचानक आए सैलाब ने भारी नुकसान पहुंचाया। इस बाढ़ में दो मजदूर फंस गए, जो जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। गनीमत यह रही कि स्थानीय लोगों ने तुरंत दोनों मजदूरों को बचाया और प्राथमिक उपचार के बाद किन्नौर के रिकांगपिओ क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती कराया। इस घटना में गांव की उपजाऊ भूमि भी बर्बाद हो गई।

कुल्लू और चंबा जिले में हुई भारी बारिश से हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। चंबा जिले में सड़कें, बिजली और पेयजल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। जिले के जनजातीय क्षेत्र भरमौर में सड़कें टूटने के कारण हजारों मणिमहेश तीर्थयात्री फंसे हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम यात्रियों को बचाने में जुटी हुई है।

कुल्लू में दो मकान ध्वस्त, दो महिलाएं लापता

कुल्लू जिले के उपमंडल आनी की ग्राम पंचायत कराड के नई तोड़ (पटारना) गांव में शुक्रवार सुबह भूस्खलन से दो मकान पूरी तरह दब गए। पंचायत उपप्रधान के अनुसार इस हादसे में दो महिलाएं मलबे में दबने या बह जाने की आशंका जताई जा रही है। लापता महिलाओं की पहचान शारदा देवी (50) पत्नी जय सिंह और लीलू देवी (45) पत्नी कृष्ण चंद के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस थाना आनी की टीम तथा फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और स्थानीय लोग भी बचाव कार्य में जुटे हैं। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया।

कुल्लू जिला के आनी उपमंडल के छनोट नाले के सैलाब में एक कार बह गई है। वहीं नेशनल हाईवे 305 औट-लुहरी मार्ग कई दिनों से भूस्खलन के कारण बाधित है। जिला प्रशासन ने मनाली, आनी और निरमंड उपमंडलों में सभी शिक्षण संस्थानों में आज अवकाश घोषित किया है।

बीती रात सिरमौर जिले में हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है और नदी-नाले उफान पर हैं। जिले में कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर सभी शिक्षण संस्थानों में अवकाश रखा गया है। मंडी जिले की बल्ह घाटी में पुराना नेशनल हाईवे जलमग्न हो गया है, जिससे वाहनों और आम लोगों की आवाजाही में गंभीर दिक्कतें आ रही हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार बीते 24 घंटों में सिरमौर जिले के जतौन बैरेज में सर्वाधिक 140 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। पालमपुर में 91 मिलीमीटर, भरवाई में 80, संधोल में 77, पांवटा साहिब में 75, कसौली में 62, नाहन में 60, सोलन में 57, गोहर में 55, बिलासपुर में 50, मुरारी देव में 48, नगरोटा सूरियां में 48 और काहू में 45 मिलीमीटर बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार मॉनसून से राहत मिलने की संभावना नहीं है। विभाग ने अगले दो दिन यानी 30 और 31 अगस्त को भारी से बहुत भारी वर्षा का आरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि पहली और दूसरी सितंबर को भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी रहेगा। 3 और 4 सितंबर को भी मौसम खराब रहेगा, लेकिन किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है।

जिलावार पूर्वानुमान के अनुसार 30 अगस्त को चंबा, कांगड़ा और कुल्लू में भारी से बहुत भारी वर्षा का आरेंज अलर्ट जारी है, जबकि ऊना, बिलासपुर, मंडी और शिमला में येलो अलर्ट है। 31 अगस्त को ऊना, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी से बहुत भारी वर्षा का आरेंज अलर्ट जबकि बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कुल्लू, शिमला और सोलन में भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया गया है। पहली सितंबर को ऊना, बिलासपुर, मंडी, शिमला और सिरमौर में येलो अलर्ट रहेगा और दो सितंबर को मंडी, शिमला और सिरमौर में भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी रहेगा।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार शुक्रवार सुबह तक प्रदेश भर में दो नेशनल हाईवे और 633 सड़कें बंद हैं। मंडी में 241, कुल्लू में 166, कांगड़ा में 65, सिरमौर में 46, शिमला में 31, सोलन में 30 और ऊना में 23 सड़कें अवरुद्ध हैं। कुल्लू में एनएच-3 और एनएच-305, मंडी में एनएच-3 मार्ग बंद हैं। प्रदेश भर में 1,333 ट्रांसफार्मर ठप हैं, सबसे ज्यादा कुल्लू में 681 और मंडी में 191। 524 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिसमें कांगड़ा 266, कुल्लू 88 और शिमला 35 शामिल हैं। चंबा जिले में दूरसंचार सेवाएं बाधित होने के कारण वहां से कोई जानकारी नहीं मिली है।

चम्बा में फंसे मणिमहेश यात्रियों के लिए हेल्पलाइन नम्बर जारी

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा है कि चंबा जिले में संचार और सड़क संपर्क प्रभावित होने के कारण मणिमहेश यात्रा फिलहाल स्थगित कर दी गई है। फंसे तीर्थयात्रियों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। संपर्क नंबर हैं 9816698166, 01899-226950, 226951, 226952 और 226953। आपात स्थिति में टॉल फ्री नंबर 1070 पर संपर्क किया जा सकता है। दूरभाष संपर्क नंबर 0177-2629688, 2629939, 2629439 और 2628940 हैं।

मानसून सीजन में अब तक 312 मौतें

इस मानसून में अब तक प्रदेश में 312 लोगों की मौत हो चुकी है, 38 लोग लापता और 374 घायल हुए हैं। मंडी में 51, कांगड़ा में 49, चंबा में 36, शिमला और किन्नौर में 28-28, कुल्लू में 26 और अन्य जिलों में कई मौतें दर्ज हुई हैं। अब तक 3,736 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें 776 पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं। 485 दुकानें, 3,367 पशुशालाएं नष्ट हो गई हैं, जबकि 1,854 पालतू पशु और 25,755 पोल्ट्री पक्षी मारे गए हैं। प्रदेश में अब तक करीब 2,753 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

इस मानसून में प्रदेश में 90 फ्लैश फ्लड, 86 भूस्खलन और 42 बादल फटने की घटनाएं हुई हैं। सबसे ज्यादा फ्लैश फ्लड लाहौल-स्पीति में 52, भूस्खलन की 15 घटनाएं कुल्लू, 14 शिमला और 12 मंडी में हुईं। मंडी जिले में 18 बार बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं।

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(Udaipur Kiran) / उज्जवल शर्मा

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