
गौतमबुद्ध नगर, 26 अगस्त (Udaipur Kiran) । उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जनपद में साइबर अपराधियों ने वायुसेना से सेवानिवृत्त कर्मी, उनकी पत्नी और पुत्री काे 36 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 3.21 करोड़ से अधिक रुपये की ठगी कर लिया। जालसाजों ने पीड़ित परिवार को मनी लांड्रिंग मामले में आरोपित बताते हुए मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारी बनकर उन्हें गिरफ्तारी का भय दिखाकर ठगी कर ली।
पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम प्रीति यादव ने मंगलवार काे बताया कि सेक्टर-25 स्थित जलवायु विहार में रहने वाली मलोबिका मित्रा ने मंगलवार को साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उनके पिता सुबीर मित्रा वायुसेना से सेवानिवृत्त हैं। वह पिता और मां केया मित्रा के साथ रहती हैं। 18 जुलाई को पिता के माेबाइल पर अज्ञात नंबर से कॉल आई थी। उसने खुद को ट्राई का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल करके सिम से लोगों को अवैध विज्ञापन, अश्लील फोटो, परेशान करने वाले मैसेज भेजने के लिए किया जा रहा है। इसके संबंध में केस दर्ज है, जिसकी जांच मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है।
इसी दाैरान मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बने जालसाजों ने बताया कि पीड़ित सुबीर मित्रा के नाम पर बैंक खाता खोला गया है, जिसका इस्तेमाल जेट एयरबेज के संस्थापक नरेश गोयल मनी लांड्रिंग मामले में हुआ है। उनके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट है, उन्हें मुंबई आने के लिए कहा। जांच के नाम पर जालसाजों ने पीड़ित और उनके परिवार को डिजिटल अरेस्ट कर लिया। वीडियो कॉल के जरिये 24 घंटे तीनों की निगरानी की। 22 अगस्त तक कुल छह बार में तीन करोड़ 21 लाख 58 हजार रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। जालसाजों ने लगातार रुपयों की मांग की जाने पर मलोबिका मित्रा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की ठानी। साइबर सेल की डीसीपी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
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(Udaipur Kiran) / Suresh Chaudhary
