
प्रयागराज, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक लाख रूपये घूस लेने के आरोपित लेखपाल अरविन्द कुमार यादव की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है। उन्हें 14 जून 2024 को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन ने दिया।
शिकायतकर्ता से चकबंदी अधिकारी आजमगढ़ के समक्ष लम्बित मामले में मदद करने के लिए लेखपाल ने एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की। 12 जून 2024 को शिकायत दर्ज कराई थी और 14 जून 2024 को एक जाल बिछाकर लेखपाल को गिरफ्तार कर लिया गया।
दलील दी कि जिस मामले को लेकर कथित रिश्वत की मांग की गई थी, वह एक दिन पहले ही 11 जून 2024 को चकबंदी अधिकारी द्वारा खारिज किया जा चुका था। याची का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वह पिछले एक साल से अधिक समय से जेल में हैं।
अदालत ने कहा कि जब तक कोई दोषी साबित न हो जाए, उसे निर्दोष माना जाता है। इन सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए, अदालत ने आजमगढ़ के लेखपाल को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
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(Udaipur Kiran) / रामानंद पांडे
