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मदकू द्वीप में बुनियादी सुविधाओं की कमी को स्वत: संज्ञान जनहित याचिका पर कलेक्टर और डीएफओ ने उच्च न्यायालय में दाखिल किया शपथ पत्र

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर

बिलासपुर , 26 अगस्त (Udaipur Kiran) । छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में मुंगेली जिले के मदकू द्वीप में बुनियादी सुविधाओं की कमी को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट को स्वत: संज्ञान जनहित याचिका पर सुनवाई शुरू की गई थी । जिसके बाद न्यायालय के 01 जुलाई 2025 के आदेश के अनुपालन में, आज प्रभागीय वनाधिकारी, मुंगेली और कलेक्टर, मुंगेली ने अपने-अपने शपथ पत्र दायर किए हैं।

कलेक्टर ने शपथ पत्र में बताया कि मदकू द्वीप क्षेत्र के महत्व को देखते हुए और संभावना तलाशने के लिए, विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा साइट का दौरा किया गया है। 23 जुलाई 2025 को पारिस्थितिकी पर्यटन के पूर्व-व्यवहार्यता पहलू का मूल्यांकन करने और उक्त मदकू द्वीप क्षेत्र की वनस्पतियों, जीवों और जैव-विविधता को नुकसान पहुँचाए बिना इसके सतत विकास का मार्ग प्रशस्त करने के लिए किया गया है। तकनीकी सलाहकारों की एक टीम ने भी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए साइट का दौरा किया है। वही डीएफओ मुंगेली ने भी शपथ पत्र में इको टूरिज्म के डीपीआर बनाए जाने और उसके विकास होने की जानकारी दी है।

मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायाधीश विभु दत्त गुरु की युगलपीठ में सुनवाई के दौरान हलफनामों में बताया गया है कि मदकू द्वीप के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों और तकनीकी सलाहकारों द्वारा साइट का दौरा किया गया है। जैव विविधता और दायरे का सर्वेक्षण किया गया है, और स्थायी इको-पर्यटन विकास सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय हितधारकों के साथ परामर्श जारी है। तटबंध, रिटेनिंग वॉल और पिचिंग कार्य सहित विभिन्न निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग की देखरेख में पूरा होने वाले हैं, जबकि बैतालपुर-मडकू द्वीप रोड को मजबूत करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। निविदा को अंतिम रूप दिया गया है, और ठेकेदार को अनुबंध निष्पादित करने का निर्देश दिया गया है।

न्यायालय ने इसके मद्देनजर, प्रगति को ध्यान में रखते हुए, प्रभागीय वनाधिकारी, मुंगेली को निर्देश दिया है कि वे मामले में आगे की प्रगति को दर्शाते हुए एक नया हलफनामा दायर करें। वहीं राज्य अधिवक्ता को निर्देश दिया है कि वे इस आदेश को आवश्यक सूचना एवं अनुपालन हेतु तत्काल संबंधित प्राधिकारियों को प्रेषित करें। अगली सुनवाई 7 अक्टूबर 2025 को तय की गई है।

(Udaipur Kiran) / Upendra Tripathi

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