HimachalPradesh

हालातःटूटती सड़कें, गिरते पहाड़, बालीचौकी में धड़ाम से गिरी इमारत

बालीचौकी में जमींदोज हो गया एक विशाल भवन,

मंडी, 26 अगस्त (Udaipur Kiran) । पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने पूरे जिले में भयंकर तबाही मचा दी है। हालात यह हो गए हैं कि सड़कें टूट गई हैं, पहाड़ दरक रहे हैं और एक तरह से चारों ओर से किवाड़ बंद हो चुके हैं। मंडी से चंडीगढ़ जाने वाली फोरलेन बंद हो चुकी है, अब पुराने स्वारघाट वाला मार्ग ही एक मात्र सहारा बचा है। यह मार्ग भी बार बार बंद हो रहा है क्योंकि फोरलेन बन जाने के बाद इसे लावारिस हालत में छोड़ दिया था।

इधर मंडी से मनाली फोरलेन भी सोमवार शाम से बंद है। केवल मंडी से पंडोह तक ही यातायात जैसे तैसे चलता रहा। मनाली से लेकर कुल्लू तक ब्यास नदी ने जो तांडव मचाया उसका असर मंडी जिले में देखने को मिला। नदी का पानी दवाडा समेत कई जगहों पर सड़क से होकर गुजरा। इसी बीच 2023 में टूटा दवाडा के पास सराज के लिए बनाया गया पैदल झूला पुल भी टूट गया। पंडोह बांध के सभी गेट खोल देने से मंडी की ओर व्यास नदी का जल स्तर खतरनाक हद तक बढ़ गया है। पंडोह बांध से बीबीएमबी ने इसका फायदा उठाकर गाद की फ्लशिंग भी मंगलवार से शुरू कर दी। खतरा देखते हुए पंडोह बाजार को भी खाली करने के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है।

इधर, व्यास नदी धर्मपुर के कांडा पतन में जहां सोन खड्ड से मिलती है वहां पर बनाया गया पुल भी इसकी चपेट में आकर बह गया। लगातार दूसरे दिन भी व्यास नदी का पानी प्राचीन पंचबख्तर मंदिर के आंगन से होकर जाता रहा। इधर, जिले के बाली चौकी जो सराज क्षेत्र का एक उपमंडल मुख्यालय है के जीरो चौक पर पीछे से आए मलबे की चपेट में पूरी मार्केट खतरे में है। इनमें से एक दो दर्जन कमरों व दुकानों वाला भवन मंगलवार को धड़ाम से गिर गया।

मंडी कुल्लू राष्‍टीय मार्ग मंडी पठानकोट राष्ट्रीय मार्ग जगह जगह से टूट जाने के कारण बंद है तथा हजारों वाहन फंसे हुए हैं। सब्जियां फल बर्बाद हो गए हैं, पड़े पड़े सड़ रहे हैं। किसान बागवान बेहद परेशान हैं। हजारों बसें, ट्क, लेह लदाख के लिए सप्लाई ले जा रहे टैंकर सब सड़कों के किनारे खड़े हैं। बारिश रूकने का नाम नहीं ले रही है। तबाही के डर से लोग रात को सो नहीं पा रहे हैं। राहत कार्य में यह बारिश बाधा डाल रही है। बारिश के अलर्ट को देखते हुए जिले के सभी स्कूल व अन्य शिक्षण संस्थान मंगलवार को बंद रहे। खौफ खाए लोग कम ही घरों से बाहर निकले। कार्यालयों में भी हाजिरी कम रही, भले ही विधानसभा सत्र के चलते जरूरी कर्मचारी जैसे तैसे कार्यालयों में पहुंचे।

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(Udaipur Kiran) / मुरारी शर्मा

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