
मीरजापुर, 23 अगस्त (Udaipur Kiran) । उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जनपद के अंतिम छोर विकासखंड जमालपुर में भारी बारिश के चलते चंद्रप्रभा और गड़ई नदी ने तबाही मचा दी। सहजनी कला-खुर्द सहित आधा दर्जन गांवों की फसलें पानी में डूब गईं, जिससे किसान गहरी चिंता में हैं।
पड़ाेसी जनपद चंदौली से निकली चंद्रप्रभा नदी के रेगुलेटर पर फाटक जाम होने और फाटकों में सेवार जमने के कारण पानी का निकास नहीं हो पा रहा है। इसके चलते पसही-चितौड़ी मार्ग पर बहाव इतना तेज है कि रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया। वहीं पसही सहजनी रेगुलेटर भी जाम होने से स्थिति और गंभीर हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि बंधी विभाग के अधिकारी कभी मौके पर निरीक्षण करने नहीं आते, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है।
चंद्रप्रभा नदी की चपेट में आने से पसही, डवंक, सहजनी कला, खुर्द, प्रतापपुर सहित कई गांवों की फसलें जलमग्न हो गई हैं। दूसरी ओर गड़ई नदी उफान पर आने से जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के पैतृक गांव ओड़ी के वैकल्पिक मार्ग पर चार फीट पानी बहने लगा, जिससे संपर्क पूरी तरह ठप हो गया। हसौली गांव के पास गड़ई नदी का तटबंध टूटने से दहशत फैल गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बहुआर गांव के पास रेगुलेटर का फाटक समय पर मरम्मत कर ठीक रखा गया होता तो तटबंध नहीं टूटता और फसलें बच जातीं।
ग्रामीण विजय कुमार, राजन सिंह और दीपक कुमार ने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग के अधिकारी कागजों पर मरम्मत दिखाकर बजट हजम कर लेते हैं। बरसात के समय जब बाढ़ आती है तो रेगुलेटर जाम हो जाते हैं और पानी का दबाव बढ़ने से तटबंध टूट जाता है। इससे खेतों में अतिरिक्त पानी घुसकर किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाता है।
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(Udaipur Kiran) / गिरजा शंकर मिश्रा
