
नई दिल्ली, 30 नवंबर (Udaipur Kiran) । केंद्र सरकार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) क्षतिपूर्ति उपकर खत्म होने के बाद भी तंबाकू, पान मसाला और अन्य हानिकारक वस्तुओं पर कुल कर भार समान बनाए रखने के लिए दो विधेयक को लोकसभा में पेश कर सकती है। इन विधेयक के जरिए जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर की जगह नया उपकर लगाया जाएगा।
आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को बताया कि केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 तथा स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025 सोमवार को लोकसभा में पेश किए जाने के लिए सूचीबद्ध किए गए हैं। इसको केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। इन विधयेकों के जरिए सरकार मौजूदा जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर को बदलकर नई टैक्स व्यवस्था लागू करना चाहती है, ताकि टैक्स की कुल राशि पहले जैसी बनी रहे।
जानकारों के मुताबिक केंद्रीय उत्पाद शुल्क संशोधन विधेयक, 2025 के तहत सिगरेट सहित विभिन्न तंबाकू उत्पादों पर उत्पाद शुल्क लगाया जाएगा, जो तंबाकू पर लगाए जा रहे जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर का स्थान लेगा। वहीं, ‘स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025’ पान मसाला पर लगाए जाने वाले मुआवजा उपकर की जगह लेगा। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े खर्चों के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाना है। इसके तहत उन मशीनों या प्रक्रियाओं पर उपकर लगाया जाएगा, जिनके माध्यम से उक्त वस्तुओं का निर्माण या उत्पादन किया जाता है।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में तंबाकू और पान मसाला पर 28 फीसदी का जीएसटी लगाया जाता है और इसके साथ ही अलग-अलग दरों पर मुआवजा उपकर भी वसूला जाता है।
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(Udaipur Kiran) / प्रजेश शंकर