
जयपुर, 26 अगस्त (Udaipur Kiran) । राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर जिला उपभोक्ता आयोग, द्वितीय के पीठासीन अधिकारी को बर्खास्त करने वाले राज्य सरकार के गत तीन जून के आदेश की क्रियान्विति पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने मामले में राज्य सरकार को जवाब पेश करने को कहा है।
जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने यह आदेश ग्यारसी लाल मीणा की याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता प्रहलाद शर्मा ने बताया कि याचिकाकर्ता ने आयोग के अध्यक्ष के पद पर रहने के दौरान कुछ नौकरशाहों के खिलाफ आदेश पारित किए थे। वहीं राज्य सरकार ने उसे बिना सुनवाई का मौका दिए ही सीधे बर्खास्त करने की कार्रवाई की है। राज्य सरकार की यह कार्रवाई नैसर्गिक न्याय के प्रावधानों के विपरीत है। राज्य सरकार ने बर्खास्तगी आदेश जारी करने से पूर्व याचिकाकर्ता को न तो जांच रिपोर्ट सहित अन्य जरूरी दस्तावेज मुहैया कराए और ना ही उसे सुनवाई का मौका दिया गया। याचिका में कहा गया कि राज्य उपभोक्ता आयोग बार एसोसिएशन की शिकायत के आधार पर राज्य सरकार ने याचिकाकर्ता को सेवा से पृथक किया है, जबकि नियमानुसार उसके खिलाफ कार्रवाई करने से पूर्व उसे भी सुनवाई का मौका दिया जाना चाहिए था। इसलिए राज्य सरकार के उसे सेवा से हटाने वाले आदेश पर रोक लगाई जाकर उसे सेवा में बहाल किया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को बर्खास्त करने के आदेश की क्रियान्विति पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।
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(Udaipur Kiran)
