Bihar

नालंदा जिले में खाद्यान्नों के भंडारण हेतु गोदाम निर्माण के लिए मिली 18करोड़ की स्वीकृति

गोदाम निर्माण कार्य की समीक्षा करते डीएम

नालंदा,बिहारशरीफ 23 अगस्त (Udaipur Kiran) ।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा आवंटित खाद्यान्न एवं धान अधिप्राप्ति के अन्तर्गत प्राप्त खाद्यान्नों के भंडारण एवं रख-रखाव हेतु गोदामों की आवश्यकता को देखते हुए नालंदा जिले में गोदाम निर्माण के लिए लाभुकों को 18करोड़ और 46लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है ताकि गुणवत्तापूर्ण एवं ससमय खाद्यान्न उपलब्ध कराये जाने को लेकर खाद्यान्न का भंडारण की जा सके । इसके लिए आज शनिवार को कुंदन कुमार जिला पदाधिकारी नालंदा द्वारा बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम पटना के नियंत्रणाधीन नालंदा जिलान्तर्गत गोदाम निर्माण हेतु संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है।उक्त के आलोक में सर्वप्रथम बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के नियंत्रणाधीन नालंदा जिलान्तर्गत ईस्लामपुर प्रखंड के बंध रसलपुर में 3000 मे०टन भंडारण क्षमता के गोदाम निर्माण हेतु निगम द्वारा अधियाचित प्राक्कलित राशि 862.46 लाख रूपये (आठ करोड़ बासठ लाख छियालीस हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान किया गया है ।

वहीं दूसरी ओर बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के नियंत्रणाधीन नालंदा जिलान्तर्गत हिलसा प्रखंड के पुना में नाबार्ड संपोषित 5000 मे०टन भंडारण क्षमता के गोदाम निर्माण हेतु निगम द्वारा अधियाचित प्राक्कलित राशि 1075.12 लाख रूपये (दस करोड़ पचहत्तर लाख बारह हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2025-26 में तथाकथित शर्तों के साथ दी गई है जहां उक्त कार्य का कार्यान्वयन बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के द्वारा कराया जाएगा। वहीं उक्त गोदाम का निर्माण रैयती जमीन पर नहीं की जायेगी। साथ ही उक्त गोदाम का निर्माण सरकारी भूमि पर ही हो तथा संबंधित विभाग से एन०ओ०सी० (यदि आवश्यक हो) प्राप्त करने के उपरान्त ही प्रारम्भ किया जाएगा।

बताया जाता है कि उक्त गोदाम का निर्माण बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम, पटना द्वारा अधिकतम 18 (अठारह) माह के अन्दर पूरा करने का आदेश जारी किया गया है।यह योजना सरकार की महत्वपूर्ण महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक योजना धान अधिप्राप्ति है जिसमें कि प्रति वर्ष पैक्स/व्यापार मंडलों के द्वारा किसानों से धान की अधिप्राप्ति की जाती है तथा राइस मिलर से धान का मिलिंग कराकर राज्य खाद्य निगम को फोर्टीफाइड चावल जमा कराया जाता है तथा इस चावल को जिले एवं बाहर जिले के लाभुकों को भी गुणवत्तापूर्ण एवं ससमय खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है परंतु हिलसा अनुमंडल अंतर्गत किसी भी प्रखंड में राज्य खाद्य निगम का सीएमआर चावल भंडारण करने हेतु पूर्व से गोदाम निर्मित नहीं था ऐसी स्थिति में पूरे अनुमंडल के पैक्स/व्यापार मंडलों को चावल जमा करने में अनावश्यक रूप से अत्यधिक खर्च का बोझ उठाना पड़ता था जो कि उक्त दोनों गोदाम का निर्माण हो जाने से सभी प्रकार की सुविधा होगी। साथ ही इस जिले में प्रतिवर्ष अधिप्राप्ति धान के समतुल्य चावल का भंडारण हेतु गोदाम की क्षमता अपेक्षा के अनुरूप कम थी जिसका भरपाई उक्त दोनों गोदाम का निर्माण होने से पूरा हो जाएगा।

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(Udaipur Kiran) / प्रमोद पांडे

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