
जयपुर, 28 अगस्त (Udaipur Kiran) । रेलवे द्वारा जयपुर स्टेशन का ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ विकास किया जा रहा है। जयपुर स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य लगभग 717 करोड़ रूपये की लागत के साथ कार्य किया जा रहा है एवं वर्तमान में कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है। जयपुर स्टेशन के द्वितीय प्रवेश (हसनपुरा साइड) में सभी कार्य फिनिंशंग स्टेज पर चल रहे हैं।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी शशि किरण के अनुसार महाप्रबन्धक अमिताभ के दिशा निर्देशन में जयपुर स्टेशन के पुनर्विकास कार्य चरणबद्ध तरीके से निष्पादित किए जा रहे हैं। जयपुर स्टेशन के द्वितीय प्रवेश (हसनपुरा साइड) में बिल्डिंग, बेसमेंट पार्किंग के सभी कार्य फिनिंशंग स्टेज पर चल रहे हैं। स्टेशन पर मुख्य प्रवेश व द्वितीय प्रवेश को आपस में जोड़ने के लिए 108 ग 95 मीटर का एयर कोनकॉर्स (कुल क्षेत्रफल 10260 वर्ग मीटर) निर्मित किया जा रहा है जिसका स्ट्रक्चरल कार्य पूरा कर लिया गया है और फेब्रिकेशन कार्य किया जा रहा है तथा शीघ्र ही गार्डर लॉचिंग का कार्य किया जाना प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त स्टेशन पर 2 नए फुट ओवर ब्रिज भी बनाए जा रहे है जिसमे दौसा साइड के 6 मीटर चौडाई के फुट ओवर ब्रिज को यात्रियों के लिए प्रारम्भ कर दिया गया है तथा सीकर साइड के 6 मीटर चौडाई के फुट ओवर ब्रिज कार्य का स्ट्रक्चरल कार्य पूरा हो गया है और फेब्रिकेशन कार्य प्रगति पर है।
जयपुर स्टेशन के मुख्य प्रवेश पर बेसमेंट के स्ट्रक्चर का कार्य प्रगति पर है तथा बिल्डिंग के फाउंडेशन का काम चल रहा है। उल्लेखनीय है द्वितीय प्रवेश पर पार्सल ऑफिस, मजिस्ट्रेट ऑफिस, बैंक सहित अन्य कार्यालय संचालित हो रहे है।
जयपुर स्टेशन को लगभग 1 लाख 75 हजार यात्री प्रतिदिन क्षमता के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। जिसमें मुख्य व द्वितीय प्रवेश पर दो नई तीन मंजिला बिल्डिंग का निर्माण किया गया है। बिल्डिंग में आगमन-प्रस्थान लॉबी, वेस्टिबुल, बैगेज स्कैनर के साथ सुरक्षा जांच क्षेत्र, हेल्प डेस्क क्षेत्र, प्रस्थान हॉल, एक्सेस कंट्रोल, प्रतीक्षालय, रिटेल स्टॉल, मॉड्यूलर शौचालय, सीढ़ियां, लिफ्ट, एस्केलेटर आदि होंगे। स्टेशन पर सुगम आवाजाही के लिए 30 लिफ्ट एवं 18 एस्केलेटर का प्रावधान किया गया है। स्टेशन पर दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी।
स्टेशन पुनर्विकास में ऊर्जा खपत में कमी के लिए ग्रीन बिल्डिंग आधारित सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई है जो नवीनीकरणीय ऊर्जा के साथ कचरे के निस्तारण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम आदि जैसे संसाधनों युक्त बनाई जा रही है। स्टेशन पर लगभग 2000 ज्ञॅ क्षमता का सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित किया जाएगा।
रेलवे द्वारा जयपुर स्टेशन के द्वितीय प्रवेश की ओर पुनर्विकास कार्य को इस वर्ष पूरा करने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है ताकि रेल यात्रियों को स्टेशन पर अत्याधुनिक व बेहतर रेल सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
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(Udaipur Kiran) / राजीव
