
रांची, 26 अगस्त (Udaipur Kiran) । रांची के नदी, तालाब, डैम और अन्य जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं अतिक्रमण मुक्त कराने को लेकर मंगलवार को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में शहर और ग्रामीण क्षेत्र के प्रमुख जल स्त्रोतों के आसपास अतिक्रमण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने कांके, हटिया और गेतलसूद डैम सहित हरमू, हिनू और भूसुर नदी तथा शहर के प्रमुख तालाबों से अतिक्रमण हटाने की प्रगति रिपोर्ट ली। उन्होंने संबंधित अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन चिन्हित अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किया गया है, उन्हें शीघ्र हटाया जाए। साथ ही सभी जल स्त्रोतों के मूल नक्शे के आधार पर उनके आकार को चिह्नित कर आसपास की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने का आदेश दिया।
उपायुक्त ने अपर समाहर्त्ता को रोस्टर तैयार करने का निर्देश दिया, जिसके आधार पर अंचल अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में कार्रवाई करेंगे। पंचशील नगर क्षेत्र में अतिक्रमण की स्थिति की भी समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने राजस्व नक्शा के अनुरूप त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया।
भजन्त्री ने कहा कि जल स्त्रोत हमारे जीवन और पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उनका संरक्षण प्रशासन की प्राथमिकता है और नागरिकों से भी अपेक्षा है कि वे जल स्त्रोतों के आसपास अतिक्रमण न करें तथा जल संरक्षण के प्रयासों में सहयोग दें।
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी सदर उत्कर्ष कुमार, नगर निगम के पदाधिकारी, पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता तथा विभिन्न अंचलों के अधिकारी उपस्थित थे।
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(Udaipur Kiran) / Manoj Kumar
