Madhya Pradesh

सुवासरा आत्महत्या कांड में फरार भू-माफिया अमजद गिरफ्तार: कई राज्यों में दबिश के बाद अजमेर से पकड़ा गया

अजमेर से धराया इनामी भू माफिया अमजद पठान, प्एसपी ने किया था दस हजार का इनाम घोषित

मंदसौर 29 नवंबर (Udaipur Kiran) । मप्र के मंदसौर में सुवासरा में प्रॉपर्टी डीलर मनीष व्यास की आत्महत्या मामले में पिछले कई दिनों से फरार चल रहे कुख्यात भू-माफिया अमजद खान पठान को आखिरकार पुलिस ने अजमेर से गिरफ्तार कर लिया। प्रॉपर्टी के व्यवसाय की आड़ में वर्षों से स्थानीय लोगों के साथ धोखाधड़ी और गबन करने वाले अमजद पर पुलिस ने पहले ही 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही मामले में नई जांच की संभावनाएँ खुल गई हैं, वहीं उसके खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज होने से उसके अपराधों की परतें तेजी से खुलती जा रही हैं।

उल्‍लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले सुवासरा के जाने-माने प्रॉपर्टी डीलर मनीष व्यास ने आत्महत्या कर ली थी। घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया था। घटनास्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला जिसमें मनीष ने अमजद, उसके भाई आज़ाद पठान और पिता पर जमीन के सौदे में 54 लाख रुपये लेने और लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। सुसाइड नोट में दर्ज गंभीर आरोपों के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। मनीष की मौत के बाद इलाके में व्यापक आक्रोश फैल गया था। लोगों ने सड़क पर शव रखकर चक्काजाम किया और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की।

अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर, भाजपा ने किया निष्कासन

मामले में बढ़ते जनदबाव को देखते हुए प्रशासन एक्शन मोड में आ गया। पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अमजद पठान के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा, अमजद पर गंभीर आरोपों को देखते हुए भाजपा ने भी उसे पार्टी से निष्कासित कर दिया था।

प्रकरण की संवेदनशीलता और जनदबाव को देखते हुए मंदसौर एसपी विनोद कुमार मीणा ने 28 नवंबर को अमजद की गिरफ्तारी पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद पुलिस की कई टीमें लगातार गुजरात, राजस्थान और मध्यप्रदेश में उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। लगातार तीन राज्यों में फैले अभियानों के बाद आखिरकार 28 नवंबर को पुलिस को सफलता मिली और अमजद को अजमेर (राजस्थान) से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसे अभिरक्षा में लेकर मंदसौर लाने की प्रक्रिया पूरी कर ली है, जिसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।

अमजद पर दर्ज हुए नए धोखाधड़ी के मामले

मनीष व्यास केस के अलावा अमजद पर कई पुराने मामलों की भी शिकायतें सामने आ रही हैं। हाल ही में दो नए मामलों में भी उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है;

1. रमेश अहिरवार की शिकायत

बसई निवासी रमेश पिता हीरालाल अहिरवार ने पुलिस में शिकायत की थी कि अमजद ने उसे एक प्लॉट दिखाकर रजिस्ट्री किसी दूसरी जगह की करा दी। धोखाधड़ी का पता चलने पर पीड़ित ने मामला दर्ज कराया, जिसके आधार पर पुलिस ने एक और एफआईआर दर्ज की।

2. सुरपाल सिंह की शिकायत

धेंचाली निवासी सुरपाल सिंह पिता उदय सिंह ने अमजद पर बड़ी धोखाधड़ी का आरोप लगाया। उसके अनुसार अमजद ने दूसरे व्यक्ति की दुकान अपनी बताते हुए, उस दुकान के पगड़ी के बदले शामगढ़ स्थित एक अन्य प्लॉट की रजिस्ट्री तीसरे व्यक्ति को करा दी, जिससे 12,50,000 रुपये की धोखाधड़ी हुई। सुरपाल के मुताबिक जब उसने अपने बेचे गए प्लॉट की रजिस्ट्री दोबारा कराने की बात की तो अमजद ने उसके साथ मारपीट, गाली-गलौज, और 2 लाख रुपये की अवैध मांग की। जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में भी अमजद पर एफआईआर दर्ज कर ली है।

पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि अमजद की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार तीन राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात में दबिश दे रही थीं। उसके कई ठिकानों की खुफिया निगरानी के बाद आखिरकार पुलिस ने अजमेर में उसे पकड़ने में सफलता हासिल की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अमजद के आपराधिक नेटवर्क और उसके अन्य साथियों की भी जांच की जा रही है। प्रॉपर्टी कारोबार की आड़ में वह लंबे समय से लोगों से रकम लेकर धोखाधड़ी कर रहा था।

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(Udaipur Kiran) / अशोक झलोया