Uttar Pradesh

स्वतंत्रता सेनानियों के मंत्र ‘वंदे मातरम’ का अपमान बर्दाश्त नहीं : केशव प्रसाद मौर्य

एमएलसी अरुण पाठक को गले लगाकर सांत्वना देते उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य

कानपुर, 30 नवम्बर (Udaipur Kiran) । मदनी और अन्य लोग अपनी दुकानें चलाने के लिए देश विरोधी बयानबाजी कर रहे हैं। अब उनकी दुकानें चलने वाली नहीं है। वंदे मातरम एक राष्ट्रीय मंत्र है। इसके उच्चारण मात्र से ही एक अलग प्रकार की ऊर्जा का संचार होता है। वंदे मातरम की गूंज की भय से अंग्रेज ने भारत छोड़ कर भाग गए। देश के बलिदानियों और स्वतंत्रता सेनानियों ने वंदे मातरम के लिए बहुत योगदान दिया है। यह बातें रविवार को कानपुर में उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कही।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य दोपहर एमएलसी अरुण पाठक के भाई के निधन के बाद शोक संवेदना व्यक्त करने उनके साकेत नगर स्थित आवास पर पहुंचे। डिप्टी सीएम ने अरुण पाठक के भाई के बड़े भाई स्व अरविंद पाठक के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित का भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अरुण पाठक की मां स्नेहलता पाठक सहित अन्य परिजनों से मुलाकात कर सभी को सांत्वना दी।

इसके बाद डिप्टी सीएम ने छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति विनय पाठक के बेटे की शादी में पहुंच कर वर वधू को आशीर्वाद दिया। यहां से वह मंधना के ईटरनिटी होटल पहुंचे। यहां उन्होंने भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेई के बेटे की शादी में वर वधू को आशीर्वाद दिया। इसके बाद वह पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के पोखरपुर स्थित आवास पर पहुंचकर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उनके बेटे गौरव सहित अन्य परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। इसके बाद डिप्टी सीएम भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष स्व गोपाल अवस्थी के रेल बाजार स्थित आवास पर पहुंचे और उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि देश विरोधी बातें करके मदनी जानबूझ कर देश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। जब कि हर देशवासी चाहता है कि उसका नाम मतदाता सूची में एक जगह एक हो। मतदाता पुनरीक्षण एसआईआर अभियान (एसआईआर) में अगर कोई घुसबैठिया का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो गया है उनके नाम हटाए जाएंगे और 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने का काम जारी है। एसआईआर का विरोध करने वाली पार्टियों को जनता 2027 विधानसभा चुनाव में सबक सिखाएगी।

(Udaipur Kiran) / रोहित कश्यप