
महोबा, 30 नवंबर (Udaipur Kiran) । उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद में बुंदेली समाज ने रविवार को हमीरपुर महोबा लोकसभा सांसद अजेन्द्र सिंह राजपूत को ज्ञापन भेजकर सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में बुंदेलों की सबसे पुरानी मांग बुंदेलखंड राज्य का मुद्दा जोर-शोर से उठाने की मांग की है। साथ ही क्षेत्र के अन्य सांसदों से भी अलग राज्य का मुद्दा उठाने का आग्रह करने की अपील की है।
बुंदेली समाज के पदाधिकारियों ने सांसद प्रतिनिधि प्रेम नारायण विश्वकर्मा को ज्ञापन सौंपा गया है। समाज के संयोजक तारा पाटकर बुंदेलखंडी ने कहा कि एक नवंबर 1956 को बुंदेलखंड के विभाजन के बाद संसद में बुंदेलों की आवाज गुम हो गई। अगर हमारे सभी सांसद एक साथ संसद में पृथक राज्य की मांग उठाएं तो निश्चित ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना पड़ेगा। इस समय देश में करीब 10 नये राज्यों के निर्माण के लिए मांग चल रही है। लेकिन प्रधानमंत्री ने अपने 11 साल के कार्यकाल में एक भी नया राज्य नहीं बनाया। जबकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने 6 साल के कार्यकाल में 3 नये राज्य बना दिए थे।
उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश में बंटे बुंदेलखंड की भौगोलिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक एकरूपता को देखते हुए इसे एक किए बगैर इस क्षेत्र का समुचित विकास संभव नहीं है। इस मौके पर हरी शरण सक्सेना, प्रेम चौरसिया, गया प्रसाद, अच्छे लाल सोनी, मनोज विश्वकर्मा, अनुराग, नीरज पुरवार, पवन सोनी, अवधेश गुप्ता व दिलीप कुमार समेत अन्य बुंदेले मौजूद रहे हैं।
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(Udaipur Kiran) / उपेन्द्र द्विवेदी