
बाघिन ट्रांसलोकेशन मिशन: जलाशय के पास दिखी, सुरक्षा कारणों से डार्टिंग टली
इंटरस्टेट टाइगर ट्रांसलोकेशन अपडेट
सिवनी, 30 नवंबर(Udaipur Kiran) । मध्य प्रदेश के सिवनी जिले स्थित विश्वप्रसिद्ध पेंच टाइगर रिजर्व में शनिवार से जारी इंटरस्टेट टाइगर ट्रांसलोकेशन अभियान के तहत रविवार को संयुक्त फील्ड टीमों ने सुबह 6 बजे से एक बार फिर ऑपरेशन शुरू किया। यह अभियान पेंच टाइगर रिजर्व (मध्य प्रदेश) से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व (राजस्थान) तक बाघिन के सुरक्षित स्थानांतरण को लेकर संचालित किया जा रहा है।
सुबह का ऑपरेशन — कैमरा ट्रैप से मिली ताज़ा तस्वीर
निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार रविवार सुबह सभी कैमरा ट्रैप स्टेशनों की जांच की गई। पेंच टाइगर रिजर्व के उपसंचालक रजनीश कुमार सिंह (भा.व.से.) ने रविवार की देर रात्रि में बताया कि सुबह में ही ए.आई.-सक्षम कैमरा ट्रैप से बाघिन की ताज़ा तस्वीर प्राप्त हुई। फोटो के आधार पर हाथी दस्तों और पैदल गश्ती दलों ने बाघिन की खोज शुरू की।
लगभग 7 बजे बाघिन को लैंटाना झाड़ी के नीचे आराम करते हुए देखा गया। tranquilization टीम तुरंत मौके पर पहुँची, लेकिन बाघिन जलाशय के बेहद करीब थी। ऐसे में उसे डार्ट करना जोखिमपूर्ण था क्योंकि शांत होने की स्थिति में उसके जल में गिरने का खतरा था। टीम ने सुरक्षित स्थान की प्रतीक्षा की, लेकिन बाघिन स्थिति भांपकर आगे बढ़ गई।
दोपहर तक चली ट्रैकिंग, फिर भी नहीं मिली बाघिन
सुबह के सत्र में हाथी दस्तों की सहायता से बाघिन को लगातार ट्रैक किया गया, परंतु दोबारा उसका लोकेशन स्पष्ट नहीं हो पाया।
दोपहर का सत्र — ए.आई. कैमरा से फिर मिला मूवमेंट अपडेट
लगभग दोपहर 1 बजे ए.आई.-सक्षम कैमरा ट्रैप से एक और मूवमेंट अपडेट प्राप्त हुआ। इस आधार पर फील्ड टीमें दोपहर के सत्र में पुनः खोज अभियान पर सक्रिय हुईं, ताकि बाघिन को ऐसे क्षेत्र में पाया जा सके जहाँ से उसे सुरक्षित रूप से डार्ट किया जा सके।
गहन ट्रैकिंग के बावजूद बाघिन का पुनः लोकेशन सुनहरी रोशनी (गोल्डन आवर) तक नहीं मिल पाया। इसके बाद सुरक्षा कारणों से ऑपरेशन को दिन के लिए समाप्त कर दिया गया।
कल फिर शुरू होगा ऑपरेशन
उपसंचालक ने बताया कि फील्ड टीमें सोमवार को फिर से ऑपरेशन शुरू करेंगी। सभी दलों को सुरक्षा प्रोटोकॉल और परिचालन तत्परता के साथ तैयार रहने निर्देशित किया गया है।
(Udaipur Kiran) / रवि सनोदिया