
प्रयागराज, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) । स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय के सर्जरी विभाग में एएसआई अपर जीआई एंडोस्कोपी ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन 30 एवं 31 अगस्त को किया जाएगा। एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया के तत्वावधान में होने वाले इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में देशभर से विशेषज्ञ सर्जन भाग लेने आ रहे हैं। यह जानकारी शुक्रवार को एसआरएन के सर्जरी विभागध्यक्ष प्रो. डॉ. वैभव श्रीवास्तव ने दी।
उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि प्रयागराज में देशभर के सर्जन एक साथ आकर एंडोस्कोपी की बारीकियों को सीखेंगे। इससे मरीजों के इलाज की गुणवत्ता और भी बेहतर होगी। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानाचार्य प्रोफेसर डॉ.वी.के. पांडेय,एएसआई के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो.(डॉ.) प्रोबाल नियोगी एवं प्रमुख अधीक्षक डॉ.नीलम सिंह करेंगी।
डॉ नियोगी ने कहा कि “आज सर्जरी में एंडोस्कोपी तकनीक मरीजों के लिए जीवनदायिनी सिद्ध हो रही है। प्रयागराज में इस तरह का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होना न केवल स्थानीय चिकित्सकों बल्कि देशभर के युवा सर्जनों के लिए लाभकारी साबित होगा।”
पहले दिन (30 अगस्त) एंडोस्कोप के हार्डवेयर,ऊपरी जीआई एंडोस्कोपी की चरणबद्ध प्रक्रिया, डायग्नॉस्टिक्स, क्लीनिंग और स्टेरिलाइजेशन, एनेस्थीसिया तथा ऊपरी जीआई रक्तस्राव प्रबंधन पर सत्र होंगे। डॉ. एम. कनागवेल लाइव डेमो और प्रायोगिक प्रशिक्षण देंगे।
दूसरे दिन (31 अगस्त) प्रतिभागियों को टिश्यू हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग कराई जाएगी। इसमें यूजीआई घातक विकार और ऊपरी जीआई विकारों में हस्तक्षेप पर विशेष व्याख्यान होंगे। अंत में इंटरएक्टिव ओपन हाउस सेशन रखा जाएगा।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की तैयारियों में विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर और चिकित्सक लगातार मेहनत कर रहे हैं। इनमें प्रो. डॉ. संजय सिंह, डॉ. मयंक सिंह, डॉ. राजकुमार, डॉ. विशाल केवलानी, डॉ. तरुण सहित पूरी टीम सक्रिय भूमिका निभा रही है।
प्रशिक्षण को लेकर जूनियर डॉक्टरों में भी खासा उत्साह है। जूनियर डॉक्टर डॉ. आदित्य ने कहा—“हमें इस तरह के हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग प्रोग्राम से बेहद लाभ मिलेगा। इससे हमारी सर्जरी की समझ गहरी होगी और मरीजों के लिए नई तकनीकें सीखने का अवसर मिलेगा। प्रयागराज में ऐसे आयोजन होना हमारे लिए सौभाग्य है।” स्थानीय चिकित्सकों का कहना है कि इस आयोजन से प्रयागराज एंडोस्कोपी प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा और यहां के मरीजों को नवीनतम तकनीकों का लाभ मिलेगा।
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(Udaipur Kiran) / रामबहादुर पाल
