Delhi

चुनावी बॉन्ड नियम रद्द करने का फैसला अभाविप के संघर्षों का परिणामः सार्थक शर्मा

नई दिल्ली, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव लड़ने के लिए एक लाख रुपये के अनिवार्य चुनावी बॉन्ड के प्रावधान को रद्द करने के फैसले को अपने निरंतर संघर्षों और छात्रहित में किए गए प्रयासों का परिणाम बताया है।

अभाविप दिल्ली के प्रांत मंत्री सार्थक शर्मा ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि यह जीत सिर्फ अभाविप की नहीं, बल्कि दिल्ली विश्वविद्यालय के हर छात्र की जीत है। अभाविप का मानना है कि चुनाव लोकतंत्र का उत्सव है और इसमें आर्थिक बाधाएं डालना छात्रों के अधिकारों का हनन है। अभाविप ने छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाया और यह संघर्ष सफल हुआ है। अभाविप छात्र हित के हर मुद्दे पर इसी प्रतिबद्धता के साथ संघर्षरत रहेगी।

शर्मा ने कहा कि यह प्रावधान यदि लागू रहता तो दिल्ली विश्वविद्यालय में लोकतांत्रिक परंपरा को गहरी चोट पहुंचती। अभाविप एक लाख रुपये के अनिवार्य चुनावी बॉन्ड के प्रावधान का पहले ही दिन से विरोध करती रही है। इस मुद्दे पर अभाविप ने दिल्ली विश्वविद्यालय में लगातार प्रदर्शन किए, कुलसचिव को ज्ञापन सौंपा तथा कल ही विश्वविद्यालय के कुलपति से भेंटकर इस व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग रखी थी।

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(Udaipur Kiran) / माधवी त्रिपाठी

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