Maharashtra

ठाणे में डेढ़ दिन में 19,567 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन

19,500 idols immersed in Thane one and half days

मुंबई ,29 अगस्त (Udaipur Kiran) । ठाणे नगर निगम क्षेत्र में डेढ़ दिन तक गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन गुरुवार को भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। इस वर्ष नगर निगम क्षेत्र में डेढ़ दिन तक 19567 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इनमें से 11695 प्रतिमाएँ पीओपी की थीं। जबकि 7781 प्रतिमाएँ शाडू मिट्टी की थीं। ठाणे नगर निगम की वैकल्पिक गणेश विसर्जन व्यवस्था के अंतर्गत बनाए गए कृत्रिम तालाबों में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को इस वर्ष श्रद्धालुओं ने अच्छी प्रतिक्रिया दी।

पिछले वर्ष कृत्रिम तालाब में 8700 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया था। इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 12970 हो गई है। जबकि, पिछले वर्ष नाला विसर्जन घाट में 6520 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया था। इस वर्ष यह संख्या 3382 है। साथ ही, पिछले वर्ष विशेष तालाब व्यवस्था में श्रद्धालुओं ने 1621 प्रतिमाओं का विसर्जन किया था। इस वर्ष यह संख्या 2613 है। इसी प्रकार, नगर निगम के गणेश प्रतिमा स्वीकृति केंद्र पर प्राप्त कुल 495 गणेश प्रतिमाओं के साथ-साथ चलित विसर्जन व्यवस्था में 107 गणेश प्रतिमाओं का विधिवत विसर्जन किया गया।

माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, छह फीट ऊँची मूर्तियों का विसर्जन कृत्रिम झील में और उससे बड़ी मूर्तियों का विसर्जन खाड़ी के घाटों पर किया जा रहा है। कुछ श्रद्धालुओं ने छोटी मूर्तियों को भी खाड़ी में विसर्जित करने पर ज़ोर दिया। नगर निगम और पुलिस प्रशासन द्वारा उनसे बार-बार कृत्रिम झील में विसर्जित करने का अनुरोध किया गया। इसी पृष्ठभूमि में, नगर निगम ने नागरिकों से पाँचवें, सातवें और ग्यारहवें दिन भी छह फीट ऊँची मूर्तियों का कृत्रिम झीलों में विसर्जन करने की अपील की है।

मुख्य पर्यावरण अधिकारी मनीषा प्रधान ने बताया कि कृत्रिम झील, चल विसर्जन दल, तालाब, स्वीकृति केंद्र पर सभी मूर्तियों के विधिवत विसर्जन के बाद, जल तल में जमा होने वाली मिट्टी की तलछट का प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार प्रसंस्करण किया जा रहा है।

इस वर्ष, निर्माल्य को ठाणे नगर निगम के ठोस अपशिष्ट विभाग की खाद परियोजना में बायोकंपोस्टिंग विधि से खाद बनाने के लिए जमा किया गया। ये परियोजनाएँ कोलशेत, कौसा और ऋतु पार्क में संचालित हैं। डेढ़ दिन के गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान 15 टन से अधिक निर्माल्य एकत्रित किया गया है। इस निर्माल्य का प्रसंस्करण कर उससे जैविक खाद तैयार की जाएगी।

—————

(Udaipur Kiran) / रवीन्द्र शर्मा

Most Popular

To Top