
जयपुर, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) । भारत के गौ आधारित उद्यमिता, जैविक कृषि और आधुनिक पशुपालन को नई दिशा देने के उद्देश्य से गाै महाकुंभ-2025 सम्मिट का आयाेजन 4 सितम्बर से हाेगा। यह सम्मिट भारतीय अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा में बदलने के साथ-साथ देश की गौ आधारित उद्योगों को एक वैश्विक पहचान दिलाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
विद्याधर नगर स्टेडियम में 7 सितम्बर तक हाेने वाली सम्मिट का उद्देश्य गायों के संरक्षण, पालन, उत्पादकता में वृद्वि एवं गौ आधारित उद्योगों के विकास को बढावा देना है। साथ ही गाय आधारित व्यवसायों के लिए नई संभावनाओं की खोज करना व गौ आधारित उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करने के साथ साथ कुटीर उद्योगों व मध्यमवर्गीय उद्योगों में निवेश की संभावनाओं की तलाश करवाना है। इस सम्मिट की अध्यक्षता गौपालन के पूर्व निदेशक डॉ लालसिंह करेंगे। श्रीदेवराहा बाबा गौ सेवा परिवार के राष्ट्रीय प्रचारक संजय शर्मा, गौ महाकुम्भ के सीईओ डॉ. सत्यप्रकाश वर्मा, डा. युद्धवीर सिंह बलवदा, प्रोजेक्ट कॉआर्डीनेटर स्वपन चौधरी, मृदुल शर्मा और भरत राजपुरोहित जैसे प्रमुख कार्यकर्ताओं एवं आयोजकों का योगदान रहेगा। गौ महाकुंभ 2025 के आयोजन में एसबीआई, राजस्थान ग्रामीण बैंक, अमूल ऑर्गेनिक, राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इन्डस्ट्री, रोटरी क्लब जयपुर, अखिल राज्य ट्रेड एण्ड इन्डस्ट्री एसोसिएशन (आड़तिया) जयपुर, राम इन्फो भारद्वाज फाउंडेशन, फर्स्ट इन्डिया न्यूज तथा वैज्ञानिक और अनुसंधान संस्थान महत्वपूर्ण सहयोगी भूमिका निभा रहे है। गौ महाकुंभ में गौ आधारित उत्पादों, मशीनरी और प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन किया जायेगा, जिसमें किसानों, गोपालकों व उद्यमियों को एक मंच मिलेगा, जहां वे नवीनतम तकनीकी उपकरणों और नवाचार से परिचित हो सकेंगे।
इस सम्मिट में गाय के उत्पाद जैसे दूध, घी, गौमूत्र और गौवंश उत्पाद जैसे कपास, जैविक खाद, आधुनिक पशुपालन तकनीकें तथा गौ उत्पाद आधारित स्टार्टअप्स के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही गौ महाकुंभ में गोकुल ग्राम की महत्वपूर्ण योजना का मॉडल प्रस्तुत किया जायेगा जिससे गौ आधारित अर्थ व्यवस्था व गौ आधारित सर्कुलर इकोनोमी के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा की जायेगी। एक गौकुल ग्राम पर रुपए 100 करोड़ खर्च किये जायेगें। राज्य में ऐसे 100 गोकुल ग्राम पर 10,000 करोड़ का निवेश का एमओयू राज्य सरकार से किया जा चुका है। गोकुल ग्राम में 250 से 300 गरीब परिवारों को गाय आधारित अर्थ व्यवस्था से जोड़ना एवं पशुपालकों के लिए विद्यालय व आर्युवेद चिकित्सालय की सुविधाएं उपलब्ध करवायी जाएगी। सम्मिट में जैविक कृषि, गौ आधारित खेती और नवीनतम पशुपालन तकनीकों पर आधारित प्रशिक्षण सत्र होंगे। सम्मिट का उद्देश्य गौ महाकुंभ 2025 को वैश्विक मंच बनाना भी है। इसके लिए अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों, वैज्ञानिक संस्थाओं और राज्य सरकारों के साथ साझेदारी की जाएगी, ताकि देशी गौ उत्पादों को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिले। इस सम्मिट के माध्यम से भारत में उत्पादों के निर्यात के नए रास्ते खोले जाएंगे। विशेष रुप से गौ उत्पादों का निर्यात, नई विपणन रणनीतियां और वैश्विक मांग के बारे में चर्चा की जाएगी। इसमें कृषि वैज्ञानिक, गौ उत्पादक और उद्यमियों को प्रशक्षिण देने के सत्र होंगे। इस दौरान गौ उद्यमिता प्रोत्साहन पुरुस्कार देने का प्रावधान भी रखा गया है।
गौ महाकुम्भ में बैलों से ऊर्जा उत्पादन, आटा चक्की का संचालन, कच्ची घानी का तेल निकालने के लाईव डेमोस्ट्रेशन भी होंगे। साथ ही राजस्थान में गाय की प्रमुख दुधारु नस्लें जैसे थारपारकर, साहीवाल, राठी, कांकरेज, गिर, नागौरी व मालवी को प्रदर्शित किया जायेगा।
गौ महाकुंभ 2025 : भारत में एक नई क्रांति
आयाेजकाें के मुताबिक गौ महाकुंभ 2025 एक ऐतिहासिक अवसर होगा, जो गौ आधारित उद्यमिता और कृषि-पशुपालन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह न केवल किसानों, उद्यमियों, उत्पादकों और वैज्ञानिकों के लिए एक महत्तवपूर्ण मंच बनेगा, बल्कि भारत को गौ आधारित अर्थव्यवस्था में एक वैश्विक नेता बनाने के प्रयासों को भी बल मिलेगा। कुल मिलाकर गौ महाकुंभ 2025 भारतीय कृषि और पशुपालन के लिए नवाचार, विकास और समृद्धि की नई दिशा दिखाएगा।
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(Udaipur Kiran) / राजीव
