
जोधपुर, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) । संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने शुक्रवार को महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय देसूरिया बिश्नोइयां (करवड़) में केरू ब्लॉक के प्रधानाध्यापक सत्रारंभ वाक्पीठ में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि गत दो बजट में भवन मरम्मत एवं भवन निर्माण के लिए 625 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए है। साथ ही महज डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में लूणी विधानसभा के विद्यालयों के समुचित विकास के लिए 14 करोड़ 48 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई हैं।
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की धुरी है और सभ्य नागरिक समाज के निर्माण में उसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। विद्यालयों में नामांकन वृद्धि को गंभीरता से लिया जाए और नामांकन में कमी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शैक्षणिक गतिविधियों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करें और संस्था प्रधान अपने नियत दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा के साथ करें।
पटेल ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुधारना हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा संस्था प्रधान विभाग द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा वाक्पीठ सिर्फ औपचारिक बैठक न रहे, बल्कि यह अनुभव साझा करने और नवाचार की योजनाओं को लागू करने का मंच बने। जो भी चर्चा यहां हो, उसे विद्यालय स्तर पर अमल में लाया जाए।
पटेल ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि अधिकाधिक विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि पैरेंट्स टीचर मीटिंग के माध्यम से ग्रामीणों और अभिभावकों को विद्यालय विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाए।
इस दौरान उन्होंने संस्था प्रधानों से संवाद कर विद्यालय की समस्याएं सुनी एवं सुझाव मांगे। सीबीईओ केरू धर्म सिंह, एसीबीईओ रामलाल, राजूराम, प्रधानाचार्य कंचन चारण, महेन्द्र सिंह कच्छवाहा, छतर सिंह, गोविंद टाक, महेन्द्र सिंह बेरू सहित संस्था प्रधान उपस्थित रहे।
(Udaipur Kiran) / सतीश
