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राजनीतिक मतभेद से हटकर राष्ट्रहित में पूरा देश हो एकजुटः शिवराज सिंह

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) । केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राजनीतिक मतभेद होते हैं विचारधारा के, लेकिन राष्ट्रहित के विषय पर पूरा देश एक साथ खड़ा है। कुछ देश, अधिनायक जैसा व्यवहार कर रहे हैं, वो सारे विश्व के लिए संकट बनकर खड़ा हो गया है। भौतिकता की अग्नि में दग्ध विश्व मानवता को शाश्वत शांति के पद का दिग्दर्शन अगर कोई देश कराएगा तो वो भारत है। इसके अलावा कोई मार्ग नहीं है, इसलिए जरूरी है कि हमारा देश मजबूत बने।

शुक्रवार को कर्नाटक में मैसूर स्थित श्री सुत्तूर मठ में डॉ. शिवरात्रि राजेंद्र महास्वामी जी की 110वीं जन्म जयंती समारोह को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि आज देश पर टैरिफ लादा जा रहा है, ऐसे वातावरण में देश में देशभक्ति की भावना प्रज्जवलित होना चाहिए। प्रधानमंत्री के आह्वान पर एक संकल्प हरेक देशवासी को स्वेदशी उत्पाद का प्रयोग करना चाहिए। इससे हमारे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इस समारोह में कर्नाटक के जनप्रतिनिधि व अनेक संत-महात्माओं के साथ ही बड़ी संख्या में भक्तजन मौजूद थे। शिवराज सिंह ने यहां पूज्य महास्वामी जी के साथ पौधरोपण भी किया।

इस अवसर पर भक्तजनों को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि शिवरात्रि राजेंद्र महास्वामी जी के मार्गदर्शन में सुत्तुर मठ सेवा का पर्याय बन गया है। हजार साल पहले आदि जगद्गुरु जी ने इस मठ का बीजारोपण किया था, जो आज विशाल वट-वृक्ष बनकर उसे देह व प्रेम की छाया दे रहा है, पूज्य शिवरात्रि राजेंद्र महास्वामी जी को भी बारंबार प्रणाम, जिन्होंने सेवा के अद्भुत प्रकल्प प्रारंभ किए, किराए के छात्रावास से प्रारंभ करके आज 400 से ज्यादा संस्थाएं बना दी हैं।

शिवराज सिंह ने कहा कि यहां अस्पतालों में 50 रुपये में इलाज होता है, यही तो पीड़ित मानवता की सेवा है, यही भगवान की पूजा है। लोगों की सेवा ही भगवान की पूजा है। उन्होंने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा, किसान प्राण हैं, वो अन्नदाता है, मतलब जीवनदाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कई योजनाएं प्रारंभ की गई है। खेती में उत्पादन बढ़े एवं लागत घटे, उत्पादन के ठीक दाम मिले, नुकसान अगर हो जाए तो उसकी भरपाई हो, लेकिन कृषि का विविधीकरण भी बहुत जरूरी है। फलों की खेती, फूलों की खेती, औषधीय खेती, लेकिन उसके साथ-साथ हमारे खेत के आकार बहुत छोटे छोटे हैं, लैंड होल्डिंग काफी कम है। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील वहां तो 10-10, 15-15 हजार हेक्टेयर के फार्म हाउस हैं, हमारे किसान एक-दो हेक्टेयर, एक-दो एकड़, ढाई एकड़ इसमें कैसे फायदे की खेती करें, इंटीग्रेटेड फ़ार्मिंग के माध्यम से कैसे लाभकारी खेती कर पाएं, इस काम में दिन-रात लगने की कोशिश की है।

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(Udaipur Kiran) / विजयालक्ष्मी

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