गुप्तकाशी, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) । लगातार हो रही बरसात के कारण के कारण क्षेत्र में ल्वारा तलगौंडा गधेरे में भारी मात्रा में पानी उफान पर आ जाने से 45 वर्ष पूर्व निर्मित पुल धराशाई हो गया । पुल के एक और के दोनों पुश्तों के टूटने से यह पुल का लेटर भर भराकर गिर गया है। साथ ही पुल के निकट स्थित धर्मेंद्र का आवासीय भवन भी खतरे की जद में आ गया है।
पुल के टूट जाने से गुप्तकासी छैन गाड़, नागजगई, लामगौंडी आदि स्थानों पर जाने वाले राहगीरों को खासी दिक्कतें उठानी पड़ रही है। अब राहगीर द्वारा कई क्षतिग्रस्त स्थानों पर पैदल रास्ता नापकर मंजिल तक पहुंच रहे हैं। भूस्खलन के कारण गुप्तकाशी से छेना गाड़ के बीच में लगभग 12 स्थान पर मार्ग बाधित रहा। हालांकि गुप्तकाशी से ल्वारा के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग द्वारा जेसीबी मशीन द्वारा दो या तीन घंटों में ही बाधित मोटर मार्ग को यातायात के लिए बहाल किया गया।
इसके साथ गुप्तकाशी और ल्वारा के बीच में राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग द्वारा निर्माणाधीन पुल के आधार स्तंभ भी बनने से पहले हवा में लटक गए। बताया तो यह भी जा रहा है कि यह पुल पूर्व में भी टूट चुका था। पुल के स्ट्रक्चर के नीचे पुल को मजबूती देने के लिए आधार स्तंभ कच्ची मिट्टी में होने के कारण तेज गधेरे के उफान में पूरी मिट्टी बह गई थी। जिस कारण इसके आधार स्तंभ हवा में ही लटक गए। बरसात का यही दौर रहा तो अवशेष लोहे का पुल भी नदी की भेंट चढ़ जाएगा।
गुप्तकाशी ल्वारा मोटर मार्ग पर तलगौंडा में स्थित लगभग 7 मी लंबा का यह मजबूत पुल भी गत रात्रि भयंकर बरसात के कारण के गदेरे के उफान में होने से इसके आधार स्तंभ उखडने से पुल देखते ही देखते गिर गया । ग्रामीणों की माने तो गत कई वर्षों से एक और के आधार स्तंभ आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे। लेकिन विभाग द्वारा इसके सुधारीकरण की ओर ध्यान नहीं दिया। लोक निर्माण विभाग उखीमठ मोटर मार्ग पर जल निकास नाली की समुचित व्यवस्था नही है। इसके साथ ही लाखों खर्च करने के बाद भी इसका समय पर मेंटेनेंस नही किया गया है।
गुप्तकाशी से 1 किलोमीटर दूर डॉ. जैक्स नेशनल के ऊपर भी मोटर मार्ग का आधा हिस्सा बहने के कारण अब तीन परिवारों पर जमीदोज होने का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीण मनोज कॉलोनी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग गुप्तकाशी ल्वारा के बीच में मोहन बिष्ट के मकान के नीचे राष्ट्रीय राजमार्ग का एक किनारा ढहने से संपूर्ण मालवा नीचे स्थित तीन आवासीय भवनों के पीछे पहुंच चुका है। और यही स्थिति रही तो कभी भी उनके छोटे से गांव को खतरा उत्पन्न हो सकता है।
उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर जल निकास नाली ना होने के कारण बरसाती पानी लगातार उनके मकान के ऊपर स्थित खेतों में बह रहा है लेकिन आज मोटर मार्ग के ढहने से उनके आवासीय भवनों पर भी खतरा मांडराने लगा है। उक्त मोटर मार्ग पर कई स्थानों पर विभाग द्वारा जल निकास नाली का निर्माण नहीं किया गया है। साथ ही पक्के पुश्ते निर्मित न होने से कई स्थानों पर भारी मात्रा में मलवा मोटर मार्ग पर फैला हुआ है ।
बरसात का यही दौर रहा तो आगामी दिनों में इस स्थान पर भयंकर त्रासदी आ सकती है इस बाबत विभागीय अभियंताओं से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं होपाया।
(Udaipur Kiran) / बिपिन
