गुप्तकाशी, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) ।क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बरसात के चलते कई स्थानों पर भूस्खलन होने से कई गांवों में तबाही का मंजर देखने को मिला है।
शुक्रवार प्रात लगभग 4 बजे के करीब आकाशीय बिजली गिरने के बाद छेना गाड़ बाजार में स्थित सभी 18 दुकानें देखते ही देखते आपदा की भेंट चढ़ गई। एक अनुमान के मुताबिक भूस्खलन की चपेट में आने से 10 से 12 लोगों के लापता होने की संभावनाएं हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र में लगातार बरसात के कारण न केवल आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो चुका है, बल्कि भूस्खलन और चट्टानों के खिसकने का सिलसिला इस कदर हावी है, कि बड़ेथ गांव के कई तोकों में आकाशीय बिजली गिरने के बाद कई आवासीय भवन जमीदोज हो चुके हैं। साथ ही कई गौशालाएं भूस्खलन की जद में आने से कई दर्जन मवेशी भी जान गंवा चुके हैं। लापता लोगों की संख्या बढ़ भी सकती है। इन लोगों मैं स्थानीय लोगों के साथ साथ नेपाली मूल के भी बताए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से एसडीआरएफ, एनडीआरएफ पुलिस बल तथा स्थानीय लोगों की मदद से लापता लोगों का लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। ताल जामुन, बगड़ आदि में कई मकान भूस्खलन की चपेट में आने से जमी दोज हो चुके हैं।
गनीमत यह रहे की रात्रि के अंधकार में चारों ओर से गिरती चट्टानों तथा गर्जना भर रही चंदन नदी के भयंकर स्वर के डर के कारण ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थानों की ओर भागना शुरू कर दिया । जिस कारण सभी ग्रामीण सुरक्षित बताए जा रहे हैं । लेकिन गौशालाओं में रह रहे मवेशी इस भूस्खलन की तबाही की भेंट चढ़ चुके हैं।
प्रातः स्थानीय लोगों की मदद से बगड़ व अन्य प्रभावित गांवों के पीड़ितों को प्राथमिक विद्यालय ताल जामुन में राहत शिविर लगाकर उनको सुरक्षात्मक स्थान प्रदान किया गया। देहरादून से छेनागाड़ डेली विश्वनाथ सेवा में रह रहे ड्राइवर और कंडक्टर भी मौत की आगोश में जाते-जाते बच गए। विश्वनाथ सेवा के ड्राइवर ने बताया कि सुबह 4:00 बजे के करीब छेना गाड़ पुल के बगल में उनकी बस खड़ी थी, जिसमें दोनों सो चुके थे, लेकिन सुबह चंदन गंगा के भयंकर शोर और भारी मात्रा में मलबा आने के कारण उनकी बस के ऊपर चट्टान तथा पेड़ गिरने से उनकी नींद खुली। और उन्होंने कंडक्टर को उठाकर पुल के दूसरी ओर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए जिस कारण वह बच निकले।
पूर्व प्रधान मंगल सिंह ने बताया कि रात भर उक्त गांवों में भयंकर गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी जिसके फल स्वरुप नदी में भारी मात्रा में जल भराव और मालवा आने से संपूर्ण छेना गाड़ का बाजार नेस्तनाबूत हो गया
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साथ ही ताल जामुन और अन्य स्थानों पर चट्टान खिसकने से और नीचे नदी तट से भूस्खलन होने से इन गांव की तस्वीर कुछ और बयां करने लगे। उन्होंने बताया कि रात भर जोरदार आवाज के कारण ग्रामीण सो नहीं पाए। और रात्रि भर जागरण कर सुरक्षित स्थानों की और कुच कर गए, जिस कारण आज उनका जीवन सुरक्षित बना हुआ है। केदारनाथ विधानसभा की विधायक आशा नौटियाल ने प्रातः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस आपदा के बारे में अवगत कराया।
(Udaipur Kiran) / बिपिन
