
हरिद्वार, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) । आयुष विभाग उत्तराखंड के तत्वावधान और जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी व पर्यटन अधिकारी के संयोजन में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में योग, प्राकृतिक चिकित्सा, वेलनेस, पंचकर्म सेंटर संचालक एवं होमस्टे व होटल व्यवसायियों के साथ राज्य सरकार की ओर से
लागू की गई योग नीति एवं आयुष नीति पर चर्चा की गई।
राही मोटल में शुक्रवार को संपन्न हुई संगोष्ठी में डॉ. घनेन्द्र वशिष्ठ, नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय आयुष मिशन हरिद्वार ने प्रस्तुतीकरण देते हुए सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने केंद्रों का पंजीकरण करा कर, राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। प्रतिभागियों के प्रश्नों और जिज्ञासाओं का समाधान जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल एवं अपर जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. अतुल नेगी की ओर से किया गया।
इस अवसर पर डॉ. स्वास्तिक सुरेश, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, हरिद्वार ने अपने संदेश में कहा कि आयुष और पर्यटन के समन्वय से न केवल उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा बल्कि योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा की परंपराओं को भी वैश्विक पहचान प्राप्त होगी। हमें अपने स्थानीय वेलनेस एवं पंचकर्म केंद्रों को उच्च गुणवत्ता मानकों पर विकसित करना होगा।
डॉ. अवनीश उपाध्याय, विशेषज्ञ, आयुष मिशन ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए सभी संचालकों को अपनी सरकार पोर्टल पर पंजीकरण अवश्य कराना चाहिए। उन्होंने कहा आयुष क्षेत्र में शोध, नवाचार और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर हम उत्तराखंड को वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में और मजबूत कर सकते हैं।
संगोष्ठी में डॉ. मनोज उत्प्रेती, डॉ. संजीव शर्मा, रजनीश योगी, श्रीमती प्रतिभा सैनी, प्राची गुप्ता, डॉ.अभिषेक,विपिन गोलियान सहित अनेक प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
(Udaipur Kiran) / डॉ.रजनीकांत शुक्ला
