
नई दिल्ली, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) । दिल्ली विश्वविद्यालय के दिल्ली स्कूल ऑफ जर्नलिज्म (डीएसजे) में दक्षिण एशियाई देशों के संबंधों को प्रगाढ़ बनाने में मीडिया और शिक्षा की भूमिका विषय पर विशेष व्याख्यान माला के अंतर्गत शुक्रवार को व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नेपाल के काठमांडू स्थित क्षेत्रीय सार्क शिक्षा केंद्र के जनसंपर्क अधिकारी एवं वरिष्ठ पत्रकार ओपी यादव ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार साझा किए।
यादव ने कहा कि शिक्षा और मीडिया के आपसी सहयोग, सांस्कृतिक-शैक्षिक आदान-प्रदान और संवाद के माध्यम से दक्षिण एशियाई देशों के बीच रिश्तों को मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने महिला शिक्षा, भाषा के प्रौद्योगिकीकरण, रूढ़िवादिता को दूर करने और छात्र केंद्रित शिक्षण केंद्रों की स्थापना जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय का भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
मीडिया की भूमिका पर जोर देते हुए यादव ने कहा कि विभिन्न देशों का मीडिया घटनाओं को अपने दृष्टिकोण से प्रस्तुत करता है, बावजूद इसके, प्रचार-प्रसार और आपसी मतभेदों को दूर करने में मीडिया एक प्रमुख सेतु की भूमिका निभाता है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली स्कूल ऑफ जर्नलिज्म और साउथ एशियन यूनिवर्सिटी के संयुक्त प्रयासों को आपसी सहयोग का मजबूत आधार बताया। उन्होंने छात्रों से कहा कि विचार, चरित्र और करियर को कभी न छोड़ें, आने वाली चुनौतियों का सामना करते हुए सकारात्मक सोच और गुणात्मक प्रयासों पर ध्यान दें। ज्ञान की कोई सीमा नहीं है और कौशल को विद्यार्थी स्वयं पोषित कर सकते हैं। इसमें डीएसजे के संकाय सदस्यों और छात्रों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
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(Udaipur Kiran) / माधवी त्रिपाठी
