कोपेनहेगन, 28 अगस्त (Udaipur Kiran) । डेनमार्क सरकार ने गुरुवार को अमेरिकी राजनयिक को तलब किया, जब देश के सार्वजनिक प्रसारक द्वारा यह रिपोर्ट सामने आई कि कुछ अमेरिकी नागरिक ग्रीनलैंड में कथित तौर पर ‘प्रभाव अभियान’ (influence operations) चला रहे हैं।
डेनिश प्रसारक की जांच में बड़ा खुलासा
डेनमार्क के सार्वजनिक प्रसारक डीआर की जांच में दावा किया गया है कि कम से कम तीन अमेरिकी नागरिक, जिनके संबंध पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बताए जा रहे हैं, ग्रीनलैंड में सक्रिय रूप से अभियान चला रहे हैं। बताया गया कि इन लोगों का मकसद स्थानीय समाज में घुसपैठ कर जनमत को प्रभावित करना है, ताकि ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने का ट्रंप का सपना आगे बढ़ सके।
ग्रीनलैंड, जो अटलांटिक में स्थित एक विशाल और संसाधन-समृद्ध द्वीप है, डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र है। ट्रंप ने अतीत में कई बार यह इच्छा जताई थी कि यह द्वीप अमेरिका का हिस्सा बनना चाहिए, हालांकि डेनमार्क और ग्रीनलैंड दोनों इस विचार का विरोध करते रहे हैं।
डेनमार्क का बयान और अमेरिका की प्रतिक्रिया
डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने कहा, “हमें पता है कि विदेशी तत्व ग्रीनलैंड और उसके साम्राज्य में स्थान को लेकर रुचि दिखाते रहे हैं। यह आश्चर्यजनक नहीं है कि हमें भविष्य में ऐसे बाहरी प्रयासों का सामना करना पड़े।”
अमेरिकी विदेश विभाग ने पुष्टि की कि यूस चार्ज्ड अफेयर प्रभारी मार्क स्ट्रोह ने डेनमार्क के विदेश मंत्रालय से मुलाकात की। एक प्रवक्ता ने कहा कि बैठक “सकारात्मक” रही और दोनों देशों तथा ग्रीनलैंड के बीच मजबूत संबंधों की फिर से पुष्टि की गई। हालांकि प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सरकार को निजी नागरिकों की कार्रवाइयों पर कोई टिप्पणी नहीं करनी है। उन्होंने कहा, “अमेरिकी सरकार निजी नागरिकों के कार्यों को नियंत्रित नहीं करती। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और विदेश मंत्री ने साफ कर दिया है कि अमेरिका ग्रीनलैंड की जनता के अपने भविष्य तय करने के अधिकार का सम्मान करता है।”
इस बीच, एक व्हाइट हाउस अधिकारी ने सीएनएन को बताया, “हमें लगता है कि डेनमार्क को थोड़ा शांत रहना चाहिए।”
डीआर की जांच के अनुसार, इन तीन अमेरिकी नागरिकों ने ग्रीनलैंड में ट्रंप समर्थकों की सूची भी तैयार की है। रिपोर्ट का दावा है कि लक्ष्य भविष्य में इन समर्थकों को जोड़कर एक अलगाववादी आंदोलन (secessionist movement) खड़ा करना है।
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(Udaipur Kiran) / आकाश कुमार राय
