Chhattisgarh

धमतरी के श्रम पदाधिकारी ने कहा अधिक शुल्क लेने पर च्वाईस सेंटर संचालक के खिलाफ होगी कार्रवाई

Choice center operators will be punished for charging higher fees

धमतरी, 28 अगस्त (Udaipur Kiran) ।श्रम विभाग में पजीकृत निर्माणी एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित हैं। इसके तहत पंजीकृत श्रमिकों के विशेषकर नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना और नोनी सशक्तिकरण सहायता योजनाएं चल रही हैं। जानकारी के अनुसार विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए आनलाईन आवेदन किया जाता है, अधिकतम आनलाईन आवेदन सीएससी (कामन सर्विस सेंटर) के माध्यम से प्राप्त होते हैं। इस सबंध में श्रमायुक्त सह श्रम सचिव एन के साहू द्वारा जारी निर्देश के तहत कतिपय सीएससी संचालकों द्वारा श्रम विभाग के अधीन संचालित मंडलों में श्रमिकों के पंजीयन, योजना आवेदन विभागीय पोर्टल में करने के लिए विभाग द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूल की जा रही है।

श्रम पदाधिकारी ने बताया कि आनलाईन पोर्टल में श्रमिक पंजीयन आवेदन के लिए 30 रुपये तथा योजना आवेदन के लिए 20 रुपये शुल्क निर्धारित है, जबकि कुछ सीएससी संचालकों के द्वारा पंजीयन, योजना आवेदन करने के लिए श्रमिकों से 1000-1500 रुपये तक लिया आ रहा है। श्रमायुक्त द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सभी च्वाईस सेंटर संचालकों को श्रमिक पंजीयन, योजना के लिए निर्धारित शुल्क ही लिया जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि अधिक शुल्क लेने पर जांच कर कानूनी कार्यवाही की जाएगी एवं मंडल स्तर पा समय-समय पर निगरानी की जाएगी। शिकायत मिलने पर संबंधित च्वाईस सेंटर संचालक पर विधिवत कार्रवाई की आयेगी।

जिला स्तर पर कलेक्टर के संज्ञान में प्रकरण लाया जाकर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी श्रम पदाधिकारी को दिए गए हैं। यह भी कहा गया है कि ई-डिस्ट्रिक्ट मैनजर एवं च्वाईस सेंटर संचालको के साथ नियमित बैठक आयोजित की जाएगी। पोर्टल पर दर्ज श्रमिक पंजीयन एवं आवेदन की स्वीकृति, निरस्तीकरण की जानकारी भी रेण्डम आधार पर जांची जाएगी। पंजीयन एवं योजना आवेदन की स्थिति से जुड़ी शिकायतों का त्वरित निकराकरण होगा। श्रमिकों, हितग्राहियों को श्रमेव जयते मोबाईल एप के माध्यम से जागरूक किया जायेगा। सभी श्रम कार्यालयों एवं श्रम संसाधनों से श्रनिकों को आनलाईन पंजीयन एवं आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। श्रमायुक्त ने साफ किया है कि श्रमिकों के हितों की रक्षा एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तय सीमा से अधिक शुल्क लेने वाले च्वाईस सेंटर संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

(Udaipur Kiran) / रोशन सिन्हा

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