Uttrakhand

स्वदेशी क्रांति से ही विजय होगा अर्थव्यवस्था का रण: प्रो बत्रा

संवाद कार्यक्रम के दौरान

हरिद्वार, 28 अगस्त (Udaipur Kiran) । हरिद्वार में नव प्रवेशी सीए प्रशिक्षुओं के साथ वाणिज्यशास्त्री प्रो. सुनील बत्रा ने आईसीएआई के हरिद्वार शाखा में संवाद कार्यक्रम किया।

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता व अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए उच्च टैरिफ विषय पर आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में नव प्रवेशी सीए प्रशिक्षुओं ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की गंभीर परिस्थितियों पर अपने विचार रखे।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता प्रो सुनील बत्रा ने कहा कि भारत एक विशाल देश है, जिसे हर राष्ट्र एक बड़े बाजार के रूप में देखता आया हैं। आज वैश्विक अर्थव्यवस्था के बदलते हुए स्वरूप की मांग है कि हम अपने स्वदेशी उत्पादों तथा स्वदेशी तकनीकों को संजोती स्वदेशी क्रांति के वाहक बनें। क्योंकि वैश्विक आर्थिक अर्थव्यवस्था के इस संकट का स्वदेशी क्रांति से ही सामना किया जा सकता हैं।

प्रो बत्रा ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए उच्च टैरिफ से भारतीयों उत्पादों को नए वैकल्पिक बाजार की आवश्यकता होगी जिसको विश्व के अन्य देशों के साथ विदेशी कूटनीति से उपलब्ध किया जा सकता हैं। आज समय की मांग हैं कि अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए हमें अन्य देशों के साथ डॉलर में नहीं अपितु उन देशों की करेंसी में व्यापार को बढ़ावा देना चाहिए जिससे कि वैश्विक स्तर पर रुपया मजबूती को पा सके।

इस अवसर पर सी ए प्रशिक्षुओं ने कहा कि यह नया भारत है और यह युवा भारत ट्रंप के इस टैरिफ का अपने स्तर से जवाब देगा। उन सभी का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के इस फैसले से भारत में स्वदेशी प्रेम एवं राष्ट्रवाद की भावना बढ़ेगी। नवप्रवेशी सीए प्रशिक्षुओ में ओम गुप्ता, अभिषेक गुसाईं, हर्षित अवस्थी, अंशिका धीमान, शिवांश, खुशी, तनिश कुमार मेहरा, शिवांश कीर्तिपाल, अक्षरा, ईशा थपलियाल, कृष्णा अग्रवाल, आशीष वार्ष्णेय एवं तनुश अग्रवाल आदि सम्मिलित रहे।

(Udaipur Kiran) / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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