
-सेंटर फॉर एक्सीलेंस किसानों के लिए वरदान : डॉ. सुरेश कुमार
झज्जर, 28 अगस्त (Udaipur Kiran) । भारतीय किसान संघ बादली खंड की ग्राम समितियों का प्रशिक्षण वर्ग गुरुवार को मुनीमपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर फ्लावर्स कल्टीवेशन एंड वेजिटेबल सीड प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी में संपन्न हुआ। संघ के प्रदेश अध्यक्ष सतीश छिकारा ने किसानों से गौ आधारित जैविक खेती अपनाने की अपील की और हर जिले में मॉडल जैविक खेती शुरू करने की योजना की जानकारी दी।
प्रदेश अध्यक्ष सतीश छिकारा ने कहा कि किसानों को गौ आधारित जैविक खेती करनी चाहिए और भारतीय किसान संघ इसके लिए प्रदेश के सभी जिलों में एक मॉडल गौ आधारित जैविक खेती करने का बनवाने की मनसा रखता है। इसकी शुरुआत झज्जर जिले के डाबोदा खुर्द गांव से हो चुकी है। उन्होंने बताया कि इस मॉडल में शामिल जमीन किले नंबर के हिसाब से टैग होगी और मिट्टी, पानी ओर उत्पाद की जांच का परिणाम वेबसाइट पर सभी को दिखेगा ताकि इसका उत्पाद प्रमाणित होकर बिके। उत्पादन करना ऑनलाइन ऑफलाइन मार्केटिंग करना, प्रोसेसिंग करना और किसानों को जैविक खेती का प्रशिक्षण देना इसके चार आयाम होंगे। छिकारा ने बताया कि इस गौ आधारित जैविक से धरती माता की रक्षा होगी, गौ माता की रक्षा होगी, धरती माता उर्वर रहेगी, जीव व मानवता जहर से बचेगी, टपका सिंचाई प्रणाली से जल बचेगा, रासायनिक खाद प्रयोग नहीं होंगे इसलिए सरकार को भी हर साल करीब 25000 रुपये प्रति एकड़ सब्सिडी नहीं देनी पड़ेगी, खेती में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसान समर्थ होंगे। उन्होंने बताया कि इस तरह के जैविक मॉडलों के लिए सरकार से भी सिंगल विंडो के तहत अनुदान देने बारे प्रस्ताव रखा जाएगा ताकि गरीब और छोटा किसान भी इस मॉडल से जुड़ सके।
किसान संघ के संभाग संगठन मंत्री मोहिंदर सिंह ने संघ के संगठन के बारे विस्तार से बताया कि यह संगठन किसानों द्वारा, किसानों के लिए बनाया गया गैर राजनीतिक विश्व का एक मात्र सबसे बड़ा संगठन है। पूरे देश के गांव तक लगभग 60 लाख की सदस्यता है और इस साल के अंत तक एक करोड़ का लक्ष्य है। भारतीय किसान संघ की शुरुआत दत्तोपंत ठेंगड़ी ने 4 जनवरी 1979 को राजस्थान के कोटा जिले से की थी।
सेंटर फॉर एक्सीलेंस के इंचार्ज डॉ. सुरेश कुमार ने उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए सेंटर द्वारा किसानों के लिए दी जा रही सुविधाओं से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि इस सेंटर में इजरायल की तकनीकी पर किसानों के लिए बीज से सब्जियों व फूलों की पौध तैयार की जाती हैं। तैयार करने के कीमत 1.20 से 1.40 रुपये प्रति पौध होती है, जिसमें बीज किसान का होता है। किसान के पौध लगाने के बाद एक रुपया प्रति पौध सब्सिडी के रूप में किसान को वापिस मिल जाता है। इससे किसान का समय भी बचता है, और पौधे भी नहीं मरते। किसान अपने खेत में जायदा व अगेती फसल उगा सकता है, जिससे उसके लाभ में बढ़ोतरी होती है।
जिला अध्यक्ष धर्मवीर गुलिया ने सभी अतिथियों और करीब 15 गांव की ग्राम समितियों के प्रतिनिधियों का धन्यवाद किया। जिला जैविक प्रमुख रमेश कटारिया, खंड उपाध्यक्ष दयााकिशन बाढसा, खंड मंत्री ज्ञान सिंह बादली, खंड सह मंत्री मुकेश सहित अनेक ग्राम समितियों के प्रतिनिधि बहादुरगढ़ खंड अध्यक्ष वेद सिंह सुहाग भी प्रशिक्षण वर्ग में शामिल रहे।
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(Udaipur Kiran) / शील भारद्वाज
