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चीन की स्वतंत्रता दिवस परेड के लिए उत्तर कोरिया के नेता किम को मिला न्योता, दक्षिण कोरिया सकते में

उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन। फोटो - फाइल

सियोल (दक्षिण कोरिया), 28 अगस्त (Udaipur Kiran) । चीन के फैसले से दक्षिण कोरिया का शीर्ष नेतृत्व सकते में है। उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन के तीन सितंबर को बीजिंग में आयोजित होने वाली स्वतंत्रता दिवस परेड में शामिल होने की घोषणा ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग की चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने इस परेड में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। दक्षिण कोरिया नेशनल असेंबली के अध्यक्ष वू वोन-शिक जरूर सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के कई सांसदों के साथ परेड में मौजूद रहेंगे।

दक्षिण कोरिया के अखबार द कोरिया हेराल्ड की खबर के अनुसार प्योंगयांग के सरकारी मीडिया और बीजिंग के अधिकारियों ने गुरुवार को किम की भागीदारी की घोषणा की। द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के 80 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह परेड तीन सितंबर को बीजिंग के तियानमेन चौक पर आयोजित होनी है। यदि उत्तर कोरियाई नेता की बीजिंग यात्रा संपन्न होती है तो 2011 में सत्ता संभालने के बाद से किम की यह किसी बहुपक्षीय कार्यक्रम में पहली भागीदारी होगी। कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार किम जोंग-उन चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर जापानी आक्रमण के विरुद्ध चीनी जन प्रतिरोध युद्ध और विश्व फासीवाद-विरोधी युद्ध की विजय की 80वीं वर्षगांठ के समारोह में भाग लेने के लिए शीघ्र ही चीन का दौरा करेंगे।

चीन के सहायक विदेश मंत्री होंग लेई ने बीजिंग में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में पुष्टि की कि किम उन 26 विदेशी नेताओं में शामिल होंगे जो तीन सितंबर की परेड में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ शामिल होंगे। इस बीच दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने चीन की सैन्य परेड में शामिल नहीं होने का फैसला किया है, लेकिन नेशनल असेंबली के अध्यक्ष वू वोन-शिक सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के कई सांसदों के साथ मौजूद रहेंगे।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली के चीफ ऑफ स्टाफ कांग हून-सिक ने दोपहर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राष्ट्रपति कार्यालय को बीजिंग में होने वाले आगामी कार्यक्रम में किम की प्रस्तावित भागीदारी की पहले से जानकारी थी। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ ली की पहली आमने-सामने की शिखर वार्ता के बाद अमेरिका के साथ गठबंधन को लेकर दक्षिण कोरिया की बड़ी बाधाएं दूर हो गई हैं, लेकिन चीन और रूस के साथ संबंधों के प्रति विवेकपूर्ण दृष्टिकोण सियोल के लिए एक चुनौती बना हुआ है। 2011 में सत्ता संभालने के बाद से किम 2018 में तीन और 2019 में एक बार चीन का दौरा कर चुके हैं।

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(Udaipur Kiran) / मुकुंद

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