
सोनीपत, 28 अगस्त (Udaipur Kiran) । सोनीपत उपायुक्त सुशील सारवान ने गुरुवार को अधिकारियों को निर्देश दिए
कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए सभी विभाग आपसी तालमेल से मिशन मोड में कार्य करें।
उन्होंने कहा कि नशामुक्त अभियान को जमीनी स्तर पर उतारते हुए जागरूकता गतिविधियों
को तेज किया जाए और ग्राम पंचायतों की भागीदारी सुनिश्चित हो।
लघु सचिवालय में आयोजित एनकोर्ड कमेटी और चिन्हित अपराधों
की समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने कहा कि मेडिकल स्टोर्स की नियमित जांच हो, लाइसेंसधारी
स्वयं स्टोर पर मौजूद रहें और नशीली दवाइयां बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने
स्पष्ट किया कि गुप्त रूप से भी ऐसे स्टोर चिन्हित किए जाएं और दोषियों को दंडित किया
जाए। उन्होंने कहा कि नशे के आदी युवाओं को लत से बाहर निकालकर शिक्षा और रोजगार से
जोड़ा जाए। साथ ही सभी शिक्षण संस्थानों में नशा विरोधी कार्यक्रम आयोजित हों और पुलिस
विशेष निगरानी रखे।
सूचना मिलते ही नशीली वस्तुओं के प्रयोग पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
डीसीपी नरेन्द्र सिंह ने बताया कि पुलिस लगातार कार्रवाई कर
रही है और जागरूकता अभियान भी चला रही है। पंचायतों के सहयोग से गांव-गांव में युवाओं
को जागरूक किया जा रहा है। नशा बेचने वालों को सलाखों के पीछे भेजने पर विशेष ध्यान
है। बैठक में चिन्हित अपराधों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने
कहा कि एनडीपीएस और अन्य मामलों में तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखकर मजबूत पैरवी की
जाए, ताकि अपराधियों को कड़ी सजा मिल सके। उन्होंने पुलिस और न्यायवादी विभाग को निष्पक्ष
जांच व ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जेल अधीक्षक राजेन्द्र सिंह, एसडीएम गोहाना अंजलि
श्रोत्रिय, एसडीएम सोनीपत सुभाष चंद्र, एसडीएम गन्नौर प्रवेश कादियान, डीईओ नवीन गुलिया,
जिला न्यायवादी सुरेश खत्री सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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(Udaipur Kiran) शर्मा परवाना
